नई दिल्ली : इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ी जंग अब और भी घातक और विनाशकारी मोड़ पर पहुंच गई है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने सनसनीखेज दावा किया है कि उनके जवाबी हमले 'ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4' के शुरुआती दो दिनों में ही अमेरिकी सेना को अभूतपूर्व नुकसान हुआ है।
तेहरान के अनुसार, भीषण मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण अमेरिकी विमान वाहक पोत को पीछे हटना पड़ा है और सैकड़ों सैनिक हताहत हुए हैं, जिसे छिपाने की कोशिश की जा रही है।
650 अमेरिकी सैनिकों की मौत और घायल होने का दावा
IRGC के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल अली मोहम्मद नैनी ने खुलासा किया है कि फारस की खाड़ी क्षेत्र में किए गए हमलों में अमेरिकी सेना को भारी मानवीय क्षति हुई है। ईरानी दावों के मुताबिक, युद्ध के पहले दो दिनों के भीतर ही 650 से अधिक अमेरिकी सैनिक मारे गए हैं या गंभीर रूप से घायल हुए हैं। जनरल नैनी ने जोर देकर कहा कि अमेरिका इन हताहतों की संख्या को दुनिया से छिपाने और इससे इनकार करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन ईरानी खुफिया रिपोर्टों ने इस आंकड़े की पुष्टि की है।
बहरीन में अमेरिकी 'फिफ्थ फ्लीट' मुख्यालय पर भीषण प्रहार
ईरानी मिसाइलों और ड्रोन्स ने बहरीन में स्थित अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े के मुख्यालय को अपना मुख्य निशाना बनाया है। जनरल नैनी के अनुसार, इस मुख्यालय पर बार-बार किए गए हमलों में लगभग 160 अमेरिकी कर्मी हताहत हुए हैं। इसके साथ ही, अमेरिकी नौसेना के 'MST' कॉम्बैट सपोर्ट शिप को भी ईरानी नौसैनिक मिसाइलों से भारी नुकसान पहुँचाने का दावा किया गया है।
जान बचाकर भागा अमेरिकी विमान वाहक पोत 'अब्राहम लिंकन'
IRGC प्रवक्ता ने जानकारी दी कि ईरानी नौसैनिक बलों ने चाबहार तट से करीब 250 से 300 किलोमीटर की दूरी पर तैनात अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर 'यूएसएस अब्राहम लिंकन' को टार्गेट किया। इस युद्धपोत पर चार क्रूज मिसाइलें दागी गईं, जिसके बाद यह कथित तौर पर अपनी जान बचाकर ईरानी तट से दूर दक्षिण-पूर्वी हिंद महासागर की ओर भाग खड़ा हुआ। ईरान का कहना है कि उनकी सटीक मारक क्षमता ने अमेरिकी नौसेना की ताकत को हिला कर रख दिया है।
'ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4' की पूरी सैन्य ताकत का इस्तेमाल
ईरान ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपने इस नए सैन्य ऑपरेशन के तहत अपनी पूरी मारक क्षमता और सैन्य संसाधनों का उपयोग कर रहा है। प्रवक्ता के अनुसार, फारस की खाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में अमेरिकी ठिकानों पर हमले जारी रहेंगे। तेहरान का तर्क है कि उनके पास इन हमलों और उनमें हुए नुकसान की पुष्टि के लिए युद्धक्षेत्र से प्राप्त पुख्ता खुफिया रिपोर्टें और दृश्य मौजूद हैं।
वैश्विक सुरक्षा पर मंडराता अभूतपूर्व खतरा
क्षेत्र में जारी इस भीषण संघर्ष और तनाव ने वैश्विक सुरक्षा को एक बेहद खतरनाक स्तर पर पहुँचा दिया है। IRGC का मानना है कि अमेरिका के साथ सीधे टकराव ने पूरे मिडिल ईस्ट की स्थिरता को चुनौती दी है। जहाँ ईरान अपनी जवाबी कार्रवाई को सफल बता रहा है, वहीं अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस युद्ध के और अधिक फैलने और वैश्विक स्तर पर इसके घातक परिणामों को लेकर गंभीर चिंता जता रहा है।










