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अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध के आठवें दिन बड़ा दावा सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार रूस ने ईरान को मिडल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी युद्धपोतों और सैन्य विमानों की लोकेशन से जुड़ी अहम खुफिया जानकारी दी है।

नई दिल्ली : मिडल ईस्ट में जारी महाजंग अब एक नए और खतरनाक मोड़ पर पहुँच गई है, जहा वैश्विक महाशक्तियों के सीधे हस्तक्षेप की खबरें सामने आ रही हैं। अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध के आठवें दिन यह सनसनीखेज दावा किया गया है कि रूस इस लड़ाई में पर्दे के पीछे से ईरान की बड़ी मदद कर रहा है। वाशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, मॉस्को ने ईरान को मिडल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी युद्धपोतों और सैन्य विमानों की सटीक लोकेशन से जुड़ी 'टारगेटिंग इंटेलिजेंस' मुहैया कराई है।

​अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर सटीक हमले की तैयारी
​तीन अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से किए गए इस खुलासे ने पेंटागन की चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले हफ्ते अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए भीषण हमलों के बाद ईरानी सेना की 'इंटेलिजेंस' क्षमता काफी कमजोर हो गई थी।

अपनी इस कमजोरी को दूर करने के लिए तेहरान अब रूस की मदद ले रहा है, ताकि वह अमेरिकी सैन्य ठिकानों को सही तरीके से निशाना बना सके। हालांकि, रूस ने आधिकारिक तौर पर इस तरह की किसी भी सैन्य या खुफिया मदद की पुष्टि नहीं की है।

​ईरानी युद्धपोत 'IRIS लावन' को भारत ने दी पनाह
​इस भीषण तनाव के बीच एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम भारत के कोच्चि बंदरगाह पर भी देखने को मिल रहा है। ईरान का एक युद्धपोत 'IRIS लावन' वर्तमान में कोच्चि पोर्ट पर रुका हुआ है। इस जहाज में 28 फरवरी को तकनीकी खराबी आ गई थी, जिसके बाद ईरान ने भारत से मदद मांगी थी। मानवीय आधार पर भारत ने 1 मार्च को इसे डॉक करने की अनुमति दी और 4 मार्च को यह कोच्चि पहुँचा। जहाज के 183 क्रू मेंबर फिलहाल भारतीय नौसेना की सुविधाओं में ठहरे हुए हैं।

​श्रीलंका के पास डूबा ईरानी युद्धपोत 'IRIS देना'
​वहीं दूसरी ओर, ईरान के लिए एक बड़ी क्षति की खबर भी सामने आई है। भारत से लौट रहे एक अन्य ईरानी युद्धपोत 'IRIS देना' पर अमेरिका ने श्रीलंका के पास हमला कर उसे समुद्र में डुबो दिया। इस भीषण हमले में 87 ईरानी नौसैनिकों के मारे जाने की पुष्टि हुई है। बता दें कि ये दोनों ईरानी जहाज हाल ही में भारत में आयोजित 'इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू' (IFR) और 'मिलन 2026' नौसैनिक अभ्यास का हिस्सा थे।

​इजरायल पर क्लस्टर बमों की बरसात
​युद्ध के मैदान में ईरान ने भी अपना आक्रामक रुख बरकरार रखा है। शुक्रवार आधी रात को ईरान ने इजरायल के रिहाइशी और सैन्य इलाकों पर दर्जनों क्लस्टर बम और बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। ईरान के इस जवाबी प्रहार से इजरायल के कई इलाकों में भारी नुकसान की खबरें हैं। खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर भी लगातार ड्रोन और मिसाइल हमले किए जा रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में स्थिति अनियंत्रित होती जा रही है।

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