काठमांडू: नेपाल की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। देश के पूर्व प्रधानमंत्री और सीपीएन-यूएमएल के चेयरमैन केपी शर्मा ओली झापा-5 सीट से चुनाव हार गए हैं। उन्हें राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) के नेता और काठमांडू के पूर्व मेयर बालेन शाह ने करीब 49,614 वोटों के बड़े अंतर से पराजित किया।
नेपाल के निर्वाचन आयोग द्वारा जारी शुरुआती परिणामों के अनुसार, झापा-5 सीट पर बालेन शाह को 68,348 वोट मिले, जबकि ओली को 18,734 वोट ही मिल सके। इस तरह शाह ने भारी अंतर से जीत दर्ज करते हुए देश की राजनीति में बड़ा संदेश दिया है।
165 सीटों पर आरएसपी को बढ़त
नेपाल के आम चुनावों की मतगणना अभी जारी है। शुरुआती रुझानों में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) 165 सीटों पर मजबूत स्थिति में दिखाई दे रही है। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक यह परिणाम नेपाल की पारंपरिक राजनीति के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
ओली की मजबूत सीट पर बड़ा उलटफेर
झापा-5 सीट को लंबे समय से केपी शर्मा ओली का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है।2017 और 2022 के चुनावों में ओली ने इसी सीट से जीत हासिल की थी। 2022 में उन्होंने नेपाली कांग्रेस के खगेंद्र अधिकारी को 28,576 वोटों से हराया था। लेकिन इस बार बालेन शाह के खिलाफ उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा।
मेयर से राष्ट्रीय राजनीति तक बालेन शाह का सफर
- बालेन शाह मई 2022 में काठमांडू मेट्रोपॉलिटन सिटी के मेयर चुने गए थे।
- जनवरी 2026 में उन्होंने मेयर पद से इस्तीफा देकर राष्ट्रीय राजनीति में कदम रखा।
- शाह ने 2026 के आम चुनाव में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के अभियान का नेतृत्व किया और पार्टी ने उन्हें प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार भी घोषित किया है।
रैपर से राजनीति तक
बालेन शाह केवल राजनेता ही नहीं बल्कि एक प्रसिद्ध रैपर, गीतकार और म्यूजिक प्रोड्यूसर भी हैं।
- 2012 में उन्होंने अपना म्यूजिक करियर शुरू किया।
- 2015 के गोरखा भूकंप के बाद राहत कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाई।
- 2022 में काठमांडू मेयर का चुनाव स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में जीता।
- बाद में 2025 के अंत में राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) में शामिल हुए।
प्रधानमंत्री पद की दौड़ में बालेन शाह
द काठमांडू पोस्ट के अनुसार, झापा-5 में बालेन शाह की यह जीत पूरे देश में चर्चा का विषय बन गई है। चूंकि आरएसपी पहले ही उन्हें प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित कर चुकी है, इसलिए चुनाव परिणाम आने के बाद वे नेपाल के अगले प्रधानमंत्री पद के मजबूत दावेदार बन सकते हैं।