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मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच भारत के लिए राहत की खबर है। पेट्रोलियम उत्पादों से लदे दो और जहाजों ने होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर लिया है। भारतीय नौसेना के युद्धपोत सुरक्षा के लिए हाई अलर्ट पर हैं।

Strait of Hormuz: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और समुद्री रास्तों पर मचे घमासान के बीच भारत के लिए अच्छी खबर आई है। पेट्रोलियम उत्पादों से लदे दो और मर्चेंट वेसल्स (व्यापारिक जहाज) ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को सुरक्षित पार कर लिया है। ये जहाज भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए ईंधन लेकर आ रहे हैं।

नौसेना के युद्धपोत 'स्टैंडबाय' मोड पर
सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे रास्ते में भारतीय नौसेना के युद्धपोत पूरी तरह मुस्तैद हैं। जहाजों के सुरक्षित ट्रांजिट को सुनिश्चित करने के लिए नौसेना के बेड़े को 'स्टैंडबाय' पर रखा गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत मदद दी जा सके। क्षेत्र में जीपीएस (GPS) हस्तक्षेप और समुद्री बारूदी सुरंगों के खतरों को देखते हुए यह सुरक्षा कवच बेहद अहम है।

इन जहाजों ने भी भरी हुंकार
हाल के दिनों में भारतीय हितों से जुड़े कई बड़े जहाजों ने इस चुनौतीपूर्ण रास्ते को पार किया है। इनमें एलपीजी (LPG) ले जा रहे शिवालिक और नंदा देवी जैसे बड़े कैरियर शामिल हैं। इसके अलावा 'पाइन गैस' और 'जग वसंत' जैसे टैंकरों ने भी भारतीय तटों की ओर सुरक्षित कदम बढ़ाए हैं। हालांकि, सुरक्षा कारणों से कई अन्य जहाज अभी भी आसपास के समुद्री क्षेत्र में इंतजार कर रहे हैं।

क्यों अहम है 'होर्मुज' का रास्ता?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा मार्ग माना जाता है। वैश्विक स्तर पर 20% तेल और गैस की सप्लाई इसी रास्ते से होती है। भारत अपनी कच्चे तेल और गैस की जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा इसी रूट के जरिए आयात करता है। ऐसे में इस रास्ते पर कोई भी रुकावट देश में ईंधन की कीमतों और सप्लाई पर सीधा असर डाल सकती है।

नौसेना की पैनी नजर
भारतीय नौसेना ने खाड़ी क्षेत्र में अपनी उपस्थिति बढ़ा दी है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में पेट्रोलियम उत्पादों से लदे कई और जहाजों के इस रास्ते से गुजरने की उम्मीद है। नौसेना न केवल भारतीय झंडे वाले जहाजों, बल्कि भारत की ओर आ रहे अन्य जहाजों की सुरक्षा पर भी नजर रख रही है ताकि देश में ईंधन की कोई किल्लत न हो।

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