ईरान का आरोप है कि इजरायल और अमेरिका ने उसके नतान्ज न्यूक्लियर प्लांट पर हमला किया है।

नई दिल्ली : पश्चिम एशिया में जारी महायुद्ध अब विनाशकारी चरण में प्रवेश कर चुका है। ईरान ने एक बेहद चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा है कि अमेरिका और इजरायल ने रविवार को उसके नतान्ज न्यूक्लियर फैसिलिटी समेत कई परमाणु संयंत्रों पर सीधा हमला किया है। इन हमलों के बाद अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने ईरान में रेडिएशन फैलने की चेतावनी जारी की है, जिससे लाखों लोगों की जान खतरे में पड़ गई है।

​नतान्ज परमाणु प्लांट पर हमला: ईरान ने लगाए गंभीर आरोप

​ईरान-अमेरिका और इजरायल के बीच जारी इस जंग के तीसरे दिन ईरान के राजदूत ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि इजरायली और अमेरिकी विमानों ने उनके सबसे महत्वपूर्ण परमाणु ठिकाने 'नतान्ज' को निशाना बनाया है। ईरान के मुताबिक, इस भीषण युद्ध में अब तक उसके 555 लोग मारे जा चुके हैं। ईरान ने इन हमलों को वैश्विक अपराध बताते हुए कड़ी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

IAEA की आपात बैठक: रेडिएशन और शहरों को खाली करने की चेतावनी

​ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमलों की खबरों के बीच वियना में इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की इमरजेंसी मीटिंग बुलाई गई है। एजेंसी ने आगाह किया है कि हमलों के कारण कई इलाकों में रेडियोधर्मी रिसाव का खतरा बढ़ गया है। IAEA ने स्पष्ट कहा है कि यदि रेडिएशन का स्तर बढ़ा, तो ईरान के कई बड़े शहरों को तत्काल खाली कराना पड़ सकता है।

प्रमुख राफेल ग्रॉसी की अपील: 'संयम बरतें और कूटनीति पर लौटें'

​IAEA प्रमुख राफेल ग्रॉसी ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए सभी पक्षों से अत्यधिक संयम बरतने की गुजारिश की है। ग्रॉसी ने कहा कि मौजूदा तनाव क्षेत्रीय और ग्लोबल पीस के लिए बड़ा खतरा है। उन्होंने जोर दिया कि अब वक्त आ गया है जब सभी पक्ष वापस कूटनीति और बातचीत की मेज पर लौटें, ताकि एक बड़ी परमाणु त्रासदी को टाला जा सके।

ईरानी परमाणु नियामक से संपर्क की कोशिशें नाकाम

​IAEA प्रमुख ने यह भी खुलासा किया कि वे लगातार ईरानी परमाणु नियामक अधिकारियों (Nuclear Regulators) से संपर्क साधने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन सैन्य तनाव के कारण अब तक वहाँ से कोई जवाब नहीं मिला है। ग्रॉसी के अनुसार, परमाणु सुरक्षा की निगरानी के लिए यह संपर्क चैनल बेहद जरूरी है। एजेंसी उम्मीद कर रही है कि संवाद का माध्यम जल्द बहाल हो ताकि स्थिति की गंभीरता को समझा जा सके।

वैश्विक संकट: ऊर्जा सप्लाई और परमाणु सुरक्षा पर खतरा

​परमाणु ठिकानों के साथ-साथ ईरान ने सऊदी अरब की 'अरामको' रिफाइनरी पर भी हमले किए हैं, जिससे वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 9% से अधिक बढ़ गई हैं। दुनिया भर की नजरें अब होर्मुज जलडमरूमध्य पर टिकी हैं, जहाँ से दुनिया का 20% तेल गुजरता है। यदि परमाणु संकट के साथ-साथ तेल टर्मिनलों पर हमले जारी रहे, तो पूरी दुनिया में अभूतपूर्व ऊर्जा संकट खड़ा हो सकता है।