ईरान ने ट्रंप की 15-सूत्रीय शांति योजना ठुकराई, इसके बाद ट्रंप का बड़ा दावा- “तेहरान समझौते के लिए भीख मांग रहा।” जानें 5 शर्तें और पूरा विवाद।

वॉशिंगटन डीसी: ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। ईरान द्वारा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 15-सूत्रीय शांति योजना को खारिज करने के एक दिन बाद, गुरुवार को ट्रंप ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि तेहरान खुद अमेरिका के साथ समझौते के लिए “भीख मांग रहा है।”

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए ईरानी वार्ताकारों को “अजीब” बताया और चेतावनी दी कि उन्हें “बहुत देर होने से पहले” हालात की गंभीरता समझनी चाहिए। उन्होंने लिखा कि ईरान सैन्य रूप से बुरी तरह कमजोर हो चुका है और उसके पास अब वापसी का कोई विकल्प नहीं बचा है, इसके बावजूद वह सार्वजनिक रूप से केवल प्रस्ताव पर विचार करने की बात कर रहा है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप प्रशासन की 15-सूत्रीय शांति योजना में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म करने, बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता पर रोक लगाने और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य का नियंत्रण अमेरिका या उसके सहयोगियों को सौंपने जैसी अहम शर्तें शामिल हैं। यही वजह है कि इस प्रस्ताव को लेकर दोनों देशों के बीच टकराव और बढ़ गया है।

वहीं, ईरानी सरकारी मीडिया ने साफ किया है कि तेहरान ने इस योजना को सिरे से खारिज कर दिया है। इसके बजाय ईरान ने युद्ध समाप्ति के लिए अमेरिका और इजराइल के सामने अपनी पांच सख्त शर्तें रखी हैं। ईरान का कहना है कि वह केवल अपनी शर्तों पर ही संघर्ष खत्म करेगा।

ईरान की प्रमुख मांगों में क्षेत्र में सभी तरह की सैन्य आक्रामकता और टारगेटेड हत्याओं पर पूर्ण रोक, भविष्य में दोबारा युद्ध न होने की ठोस सुरक्षा गारंटी, युद्ध में हुए नुकसान की भरपाई, पूरे क्षेत्र में सभी मोर्चों पर संघर्ष का अंत और होर्मुज जलडमरूमध्य पर उसके संप्रभु अधिकार की अंतरराष्ट्रीय मान्यता शामिल है।

मध्य पूर्व में बढ़ते इस टकराव के बीच दोनों देशों के सख्त रुख ने वैश्विक चिंताओं को और बढ़ा दिया है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या कूटनीतिक रास्ता निकलता है या हालात और ज्यादा गंभीर रूप ले लेते हैं।