लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार के निर्देश पर खाद्य एवं रसद विभाग और यूपी पुलिस ने संयुक्त रूप से पेट्रोलियम पदार्थों की कालाबाजारी और अवैध भंडारण के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रदेश के 15 से अधिक संवेदनशील जिलों में एक साथ 100 से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की गई।
इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और मिडिल ईस्ट संकट के बीच स्थानीय स्तर पर कृत्रिम किल्लत पैदा करने वालों को रोकना है।
अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान आने वाले दिनों में और भी तेज होगा ताकि आम जनता को उचित मूल्य पर ईंधन और गैस उपलब्ध कराई जा सके।
20 आरोपी गिरफ्तार और भारी मात्रा में अवैध स्टॉक बरामद
अब तक की छापेमारी में पुलिस ने अलग-अलग जिलों से कुल 20 लोगों को गिरफ्तार किया है, जो अवैध रूप से डीजल-पेट्रोल का भंडारण कर रहे थे या गैस सिलेंडरों की अवैध रिफिलिंग में शामिल थे।
छापेमारी के दौरान हजारों लीटर अवैध डीजल, पेट्रोल और सैकड़ों की संख्या में घरेलू व व्यावसायिक गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं। लखनऊ, कानपुर, मेरठ और आगरा जैसे बड़े शहरों में कई अवैध गोदामों को सील कर दिया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम और धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जा रहा है।
कालाबाजारी रोकने के लिए कंट्रोल रूम एक्टिव और टोल फ्री नंबर जारी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया है कि ईंधन की कालाबाजारी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन ने इस पर पैनी नजर रखने के लिए लखनऊ में एक केंद्रीय कंट्रोल रूम और हर जिले में नोडल अधिकारियों की तैनाती की है।
जनता की सुविधा के लिए हेल्पलाइन और टोल फ्री नंबर भी एक्टिव कर दिए गए हैं, जहाँ लोग कालाबाजारी, ओवररेटिंग या घटतौली की शिकायत सीधे दर्ज करा सकते हैं।
शासन ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने क्षेत्रों के पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों का औचक निरीक्षण करें और स्टॉक रजिस्टर की मिलान करें।
घटतौली और मिलावट करने वाले पंपों पर भी गिरेगी गाज
इस अभियान के तहत केवल कालाबाजारी ही नहीं, बल्कि पेट्रोल पंपों पर होने वाली घटतौली और मिलावट की भी जांच की जा रही है। जांच टीमें रिमोट चिप और अन्य संदिग्ध मशीनों की तलाशी ले रही हैं जिनका उपयोग तेल चोरी के लिए किया जाता है।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि किसी भी पंप पर घटतौली या मिलावट की पुष्टि हुई, तो उसका लाइसेंस तत्काल निरस्त कर दिया जाएगा और संचालकों पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही, ढाबों और सुनसान इलाकों में खड़े होने वाले टैंकरों से तेल चोरी करने वाले गिरोहों पर नजर रखने के लिए रात में पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है।










