लखनऊ: उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों की सुगबुगाहट के बीच निर्वाचन आयोग मतदाता सूची को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में तेजी से जुटा हुआ है। ताज़ा रिपोर्ट्स के अनुसार, उत्तर प्रदेश की अंतिम मतदाता सूची में मतदाताओं की कुल संख्या लगभग 13.25 करोड़ तक पहुँचने की संभावना है।
निर्वाचन कार्यालय ने अब तक लगभग 12.55 करोड़ मतदाताओं के नाम 'फ्रीज' कर दिए हैं, जिसका अर्थ है कि इन नामों में अब किसी बड़े बदलाव की गुंजाइश नहीं है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश की यह बहुप्रतीक्षित फाइनल वोटर लिस्ट 10 अप्रैल 2026 को सार्वजनिक की जाएगी, जो आने वाले समय में प्रदेश की चुनावी दिशा तय करेगी।
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) और डेटा फ्रीजिंग की प्रक्रिया
उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के शुद्धिकरण के लिए चलाए जा रहे 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) के तहत अब तक का सबसे बड़ा अभियान चलाया गया। मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के अनुसार, पिछली मतदाता सूची में मौजूद 15.44 करोड़ नामों में से लगभग 12.55 करोड़ नामों को ड्राफ्ट लिस्ट में बरकरार रखा गया है।
शेष लगभग 2.89 करोड़ नामों को मृत्यु, स्थायी पलायन या दोहरी प्रविष्टियों के कारण हटाया गया है। नामों को 'फ्रीज' करने की प्रक्रिया यह सुनिश्चित करती है कि डेटा सुरक्षित रहे और चुनाव के समय किसी भी प्रकार की तकनीकी गड़बड़ी या अवैध प्रविष्टि की संभावना न रहे।
86 लाख से अधिक नए मतदाताओं ने किया आवेदन
लोकतंत्र के इस उत्सव में नए युवाओं की भागीदारी भी बड़े स्तर पर देखने को मिल रही है। निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर 2025 के बाद से अब तक करीब 86.69 लाख नए फॉर्म-6 जमा किए गए हैं। इनमें से लगभग 70 लाख आवेदन ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी होने के बाद प्राप्त हुए हैं।
इन नए आवेदनों की जांच और सत्यापन का कार्य अपने अंतिम चरण में है। 10 अप्रैल को जारी होने वाली सूची में केवल उन्हीं मतदाताओं के नाम जुड़ेंगे जिन्होंने 6 मार्च तक अपने आवश्यक फॉर्म और दस्तावेज जमा कर दिए थे।
10 अप्रैल को प्रकाशन और विपक्ष की आपत्तियां
मतदाता सूची के इस पुनरीक्षण कार्य को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी सरगर्मी तेज है। जहां एक तरफ आयोग इसे पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाने का दावा कर रहा है, वहीं विपक्षी दलों ने बड़ी संख्या में नामों के काटे जाने पर सवाल उठाए हैं।
आयोग ने इन आपत्तियों के निस्तारण के लिए समय सीमा बढ़ाई थी और अब 10 अप्रैल 2026 की तारीख फाइनल प्रकाशन के लिए तय की गई है। इस दिन मतदाता अपने नाम की पुष्टि आयोग की आधिकारिक वेबसाइट (CEO UP) या मतदाता हेल्पलाइन ऐप के जरिए कर सकेंगे।
चुनाव पूर्व तैयारी और मतदाता जागरूकता
आयोग का लक्ष्य 1:1 जेंडर रेशियो और युवा भागीदारी को बेहतर बनाना है। फाइनल लिस्ट आने के बाद, बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) के माध्यम से मतदाता सूचना पर्चियों का वितरण किया जाएगा।
10 अप्रैल के बाद सूची में बदलाव की संभावनाएं सीमित होंगी, इसलिए प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अंतिम प्रकाशन के दिन अपने मतदान केंद्र और नाम की शुद्धता की जांच अवश्य कर लें।










