उत्तर प्रदेश के आगरा में एक दिल दहला देने वाली घटना का अंत पुलिस मुठभेड़ के साथ हुआ। अपने मकान मालिक से बदला लेने के लिए उनकी 8 साल की मासूम बेटी की बेरहमी से हत्या करने वाला आरोपी किराएदार सुनील शनिवार तड़के पुलिस एनकाउंटर में मारा गया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी फिरोजाबाद भागने की फिराक में था, जब बमरौली कटारा के पास पुलिस ने उसे घेराबंदी कर रोकने की कोशिश की।
इस दौरान आरोपी ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें एक दरोगा को गोली लग गई। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली लगने से आरोपी घायल हो गया, जिसे अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
किराए के विवाद में मासूम की बेरहमी से हत्या
घटना की शुरुआत किराए को लेकर हुए एक मामूली विवाद से हुई थी। पुलिस जांच में सामने आया कि करीब 11 दिन पहले किराए के बकाया पैसों को लेकर बच्ची के चाचा ने आरोपी सुनील को थप्पड़ मार दिया था और उसके कमरे पर ताला लगा दिया था।
इसी अपमान का बदला लेने के लिए सुनील ने खौफनाक साजिश रची। 24 मार्च को जब बच्ची घर के बाहर खेल रही थी, तब सुनील ने उसे अगवा किया और गला काटकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी ने बच्ची के शव को एक कनस्तर में ठूंसकर छिपा दिया और उस पर आटे की बोरी और रजाई रख दी।
गुमशुदगी दर्ज कराने थाने तक गया था शातिर कातिल
आरोपी सुनील कितना शातिर था, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बच्ची की हत्या करने के बाद वह परिवार के साथ मिलकर उसे ढूंढने का नाटक करता रहा।
मासूम के पिता ने बताया कि सुनील उनके साथ आसपास की गलियों में बच्ची को तलाश रहा था और यहां तक कि गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराने उनके साथ थाने भी गया था।
जब पुलिस ने मोहल्ले के घरों की तलाशी लेनी शुरू की, तब सुनील मौका पाकर फरार हो गया और अपने कमरे पर ताला लगा दिया। शक होने पर जब पुलिस ने ताला तोड़ा, तो कमरे के अंदर से बच्ची की लाश बरामद हुई।
मकान मालिक के भरोसे का आरोपी ने किया कत्ल
सिद्धार्थ नगर गोबर चौकी के रहने वाले जूता कारोबारी के मकान में सुनील पिछले कुछ समय से अपने माता-पिता के साथ किराए पर रह रहा था। कारोबारी ने उसे अपने परिवार का हिस्सा समझकर ऊपर का कमरा किराए पर दिया था, लेकिन मामूली विवाद और थप्पड़ का बदला लेने के लिए सुनील ने उस मासूम बच्ची को निशाना बनाया जिसका इस विवाद से कोई लेना-देना नहीं था।










