गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित जनता दर्शन के दौरान उस समय माहौल खुशनुमा हो गया जब एक छोटी बच्ची पांच वर्षीय यशस्विनी अपने हाथ में पीले रंग का एक खिलौना बुलडोजर लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास पहुँची।
सामान्यतः जनता दर्शन में लोग अपनी समस्याओं और शिकायतों के पत्र लेकर आते हैं, लेकिन इस नन्ही मासूम ने मुख्यमंत्री को अपनी पसंद का 'बुलडोजर' भेंट किया।
यह नन्हा-सा उपहार बड़े विश्वास का प्रतीक है,
— Yogi Adityanath Office (@myogioffice) March 27, 2026
यह भरोसे की मासूम अभिव्यक्ति है...
आज @GorakhnathMndr परिसर में प्रातः भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath जी महाराज को कानपुर की पांच वर्षीय यशस्विनी ने बुलडोजर खिलौना भेंट किया। pic.twitter.com/TEZbunWL6P
अपनी कार्यशैली के कारण 'बुलडोजर बाबा' के नाम से मशहूर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस विशेष उपहार को देखकर अपनी मुस्कुराहट नहीं रोक पाए और उन्होंने बड़ी आत्मीयता के साथ बच्ची का अभिवादन स्वीकार किया।
मासूम का दुलार और मुख्यमंत्री का सहज अंदाज
मुख्यमंत्री ने जैसे ही बच्ची के हाथ में बुलडोजर देखा, उन्होंने उसे अपनी गोद में उठा लिया। योगी आदित्यनाथ ने काफी देर तक बच्ची से बात की और उसका नाम व पढ़ाई के बारे में पूछा। बच्ची की मासूमियत और उसके अनोखे तोहफे ने वहां मौजूद अधिकारियों और अन्य फरियादियों का दिल जीत लिया।
मुख्यमंत्री ने बच्ची को दुलारते हुए उसे चॉकलेट और आशीर्वाद दिया। सोशल मीडिया पर इस मुलाकात की तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं, जिसमें मुख्यमंत्री एक सख्त प्रशासक के बजाय एक स्नेहिल अभिभावक की भूमिका में नजर आ रहे हैं।
फोटो खिंचवाई और परिजनों से की बात
उन्होंने बच्ची के परिजनों से भी बातचीत की और बच्ची के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मुख्यमंत्री ने मजाक में वहां मौजूद लोगों से कहा कि बच्चों की पसंद और उनकी सोच बहुत ही निष्कपट होती है। इस दौरान बच्ची भी मुख्यमंत्री के साथ काफी सहज नजर आई और उनके साथ फोटो खिंचवाते समय काफी खुश दिखी।
मंदिर प्रशासन के अनुसार, मुख्यमंत्री अक्सर बच्चों के बीच समय बिताना पसंद करते हैं, लेकिन बुलडोजर भेंट किए जाने की यह पहली और अनोखी घटना है।
सोशल मीडिया पर 'बुलडोजर' उपहार की चर्चा
जैसे ही यह खबर और तस्वीरें सार्वजनिक हुईं, नेटिजन्स ने इसे 'बुलडोजर बाबा' की लोकप्रियता से जोड़कर देखना शुरू कर दिया। लोगों का कहना है कि अब बच्चों के खिलौनों में भी उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था का प्रतीक शामिल हो गया है। गोरखपुर दौरे पर आए मुख्यमंत्री ने इस दौरान अन्य फरियादियों की समस्याएं भी सुनीं और अधिकारियों को त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए, लेकिन यह मासूम बच्ची पूरे आयोजन का मुख्य केंद्र बनी रही।










