उत्तर प्रदेश के 38 जिलों में मौसम विभाग ने बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है। धूल भरी हवाओं और बादलों की वजह से तापमान में 4 डिग्री तक की गिरावट आई है, जिससे गर्मी से राहत मिली है।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मौसम में अचानक आए इस बदलाव ने पूरे प्रदेश के तापमान पर असर डाला है। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण राज्य के करीब 38 जिलों में मौसम विभाग ने ओलावृष्टि, तेज बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।

पिछले 24 घंटों में धूल भरी तेज हवाओं के चलने से अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को भीषण लू और गर्मी से तात्कालिक राहत मिली है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, यह स्थिति आने वाले अगले दो से तीन दिनों तक बनी रह सकती है।

​इन 38 जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी 
​मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के एक बड़े हिस्से में मौसम के बिगड़ते मिजाज को देखते हुए अलर्ट जारी किया है। मुख्य रूप से लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, आगरा और मेरठ जैसे प्रमुख शहरों सहित कुल 38 जिलों में तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना है।

विभाग ने चेतावनी दी है कि 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी चल सकती है। खासकर तराई और पश्चिमी यूपी के इलाकों में बादलों की आवाजाही के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है, इसलिए लोगों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।

​तापमान में गिरावट और आम जनजीवन पर असर 
धूल भरी हवाओं और बूंदाबांदी के कारण प्रदेश के कई जिलों में दिन के तापमान में उल्लेखनीय कमी आई है। जिन जिलों में पारा 40 डिग्री के पार पहुँच रहा था, वहां अब यह 35 से 36 डिग्री के आसपास बना हुआ है। हालांकि, मौसम के इस अचानक बदलाव ने जनजीवन को भी प्रभावित किया है।

कई जगहों पर तेज हवाओं के कारण बिजली की लाइनें क्षतिग्रस्त हुई हैं और पेड़ों के गिरने से यातायात बाधित हुआ है। लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में सुबह से ही आसमान में बादलों का डेरा है, जिससे उमस भरी गर्मी से काफी हद तक निजात मिली है।

​किसानों की बढ़ी चिंता और रबी की फसलों पर खतरा 
मौसम का यह बदला हुआ रूप किसानों के लिए नई मुसीबत लेकर आया है। इस समय खेतों में गेहूं की फसल पककर तैयार है और कई जगहों पर कटाई का काम चल रहा है। ऐसे में तेज हवाओं और बारिश के कारण खलिहानों में रखी फसल के भीगने का डर बढ़ गया है। इसके अलावा, आम की फसल के लिए भी यह तेज आंधी और ओलावृष्टि नुकसानदेह साबित हो सकती है।

कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि यदि संभव हो तो वे कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर ढककर रखें और मौसम सामान्य होने तक कटाई का काम रोक दें।

​आगामी दिनों के लिए मौसम विभाग का पूर्वानुमान 
​आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिकों का कहना है कि यह मौसमी बदलाव फिलहाल रुकने वाला नहीं है। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में एक सक्रिय विक्षोभ के कारण उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में हवा के दबाव में बदलाव हुआ है।

आने वाले 48 से 72 घंटों तक पूर्वी और पश्चिमी यूपी के जिलों में रुक-रुक कर बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है। इसके बाद मौसम फिर से शुष्क होने लगेगा और अप्रैल के पहले सप्ताह से तापमान में दोबारा तेजी से बढ़ोतरी होने के आसार हैं।