मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जापान में 600 किमी/घंटा की रफ्तार वाली मैग्लेव ट्रेन का अनुभव लिया और ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट की तकनीक को समझा।

टोक्यो : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जापान दौरे का समापन बेहद रोमांचक रहा। अपने नौ साल के कार्यकाल की दूसरी विदेश यात्रा के आखिरी दिन सीएम योगी ने यामानाशी प्रांत में दुनिया की सबसे आधुनिक 'मैग्लेव ट्रेन' का सफर किया। चुम्बकीय शक्ति के सहारे पटरी से ऊपर हवा में तैरकर चलने वाली इस ट्रेन ने न केवल मुख्यमंत्री को रोमांचित किया, बल्कि उत्तर प्रदेश में आधुनिक ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर की नई संभावनाओं के द्वार भी खोल दिए हैं।

​600 किमी प्रति घंटे की रफ्तार और विमान जैसा अनुभव

​यामानाशी टेस्ट ट्रैक पर मुख्यमंत्री ने लीनियर मैग्लेव ट्रेन के सफर को 'भविष्य की यात्रा' बताया। यह ट्रेन पारंपरिक बुलेट ट्रेन के 300 किमी/घंटा से लगभग दोगुनी रफ्तार यानी 500 से 600 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से दौड़ सकती है।

सफर के दौरान सीएम योगी ने अनुभव साझा करते हुए कहा कि ट्रेन के अंदर बैठकर ऐसा महसूस होता है जैसे कोई विमान जमीन के बेहद करीब उड़ रहा हो, क्योंकि इसमें घर्षण लगभग खत्म हो जाता है और झटके महसूस नहीं होते।

​ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट का अवलोकन और जापानी भक्तों से मुलाकात

​परिवहन तकनीक के अलावा मुख्यमंत्री ने यामानाशी में हाइड्रोजन आधारित 'ग्रीन एनर्जी प्लांट' का भी अवलोकन किया। यहाँ उन्होंने पानी से हाइड्रोजन और बिजली बनाने की अत्याधुनिक तकनीक को विस्तार से समझा।

​यूपी के लिए बड़ी उपलब्धि: 11 हजार करोड़ के निवेश पर मुहर

​तकनीकी अवलोकन के साथ-साथ यह दौरा आर्थिक रूप से भी उत्तर प्रदेश के लिए मील का पत्थर साबित हुआ है। दौरे के दौरान कुबोटा कारपोरेशन, मिंडा कारपोरेशन और जापान एविएशन इलेक्ट्रॉनिक्स जैसी दिग्गज कंपनियों के साथ लगभग 11 हजार करोड़ रुपये के एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। ये निवेश कृषि यंत्र निर्माण, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों में औद्योगिक क्रांति लाने का काम करेंगे।