उज्जैन। त्योहार के मद्देनजर उज्जैन में पुलिस प्रशासन ने पुलिस ने रविवार रात शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में फ्लैग मार्च किया। मार्च में पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी, डॉग स्क्वॉड और रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) के जवानों ने हिस्सा लिया। इस कदम का मकसद त्योहारों के दौरान शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना तथा आम नागरिकों में सुरक्षा के प्रति भरोसा बनाए रखना था। फ्लैग मार्च के दौरान पुलिस बल ने शहर के प्रमुख और संवेदनशील क्षेत्रों का दौरा किया।
माधवनगर-नानाखेड़ा में सुरक्षा की समीक्षा
खासतौर पर माधवनगर और नानाखेड़ा इलाकों में सुरक्षा प्रबंधों की गहन समीक्षा की गई। वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर मौजूद कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और संभावित चुनौतियों से निपटने के लिए सतर्क रहने को कहा। इस दौरान प्रशासनिक टीम के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे, जिन्होंने सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। महाकाल क्षेत्र, जो धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, वहां भी पैदल गश्त किया गया। डीएसपी स्तर के अधिकारियों के नेतृत्व में पुलिसकर्मियों ने प्रमुख मार्गों और गलियों में भ्रमण किया।
अफवाहों से दूर रहें-संदिग्धों की सूचना दें
इस दौरान आम लोगों से बातचीत कर उन्हें अफवाहों से दूर रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना देने की अपील की गई। फ्लैग मार्च शहर के मुख्य मार्गों, चौक-चौराहों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों से होकर गुजरा। इसके माध्यम से पुलिस प्रशासन ने यह संकेत देने की कोशिश की कि त्योहारों के समय किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या असामाजिक तत्वों की गतिविधि को किसी भी दूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस दौरान उपद्रवियों से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन ने पुख्ता प्रबंध कर रखे हैं।
संवेदनशील क्षेत्रों में जारी रहेगा गश्त का सिलसिला
अधिकारियों ने कहा कि त्योहारों को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्रों में गस्त का क्रम जारी रहेगा। पुलिस प्रशासन ने कहा कि संवेदनशील क्षेत्रों में बेहतर निगरानी के लिए अतिरिक्त बल की तैनाती की गई है। इसके साथ ही नियमित पेट्रोलिंग और खुफिया निगरानी के माध्यम से शहर में हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। कुल मिलाकर, यह फ्लैग मार्च केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता और आमजन को आश्वस्त करने की पहल के रूप में देखा जा रहा है।