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होली के मौके पर भोपाल से विभिन्न शहरों के लिए यात्रा करना महंगा और मुश्किल हो गया है। ट्रेनों में सीटें फुल हैं, जबकि बस और टैक्सी संचालकों ने किराया बेहिसाब बढ़ा दिया है।

भोपाल। होली के त्योहार ने जहां रंग और उमंग का माहौल बना दिया है, वहीं घर लौटने वालों के लिए सफर चुनौती बन गया है। भोपाल से इंदौर, उज्जैन, जबलपुर के साथ-साथ महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ जाने वाले यात्रियों को इस बार भारी भीड़ और बढ़े हुए किराए का सामना करना पड़ रहा है।

ज्यादातर ट्रेनों में नो रूम की स्थिति है, जबकि बसों और टैक्सियों ने भी किराया बढ़ा दिया है। भोपाल से इंदौर जाने वाली टैक्सियों का किराया सामान्य दिनों की तुलना में 150 से 200 रुपए तक अधिक वसूला जा रहा है। 

त्योहार की वजह से बेहिसाब बढ़ा किराया
भोपाल से इंदौर का किराया आमतौर पर करीब 400 रुपए रहता है, वहीं अभी 600 रुपए तक लिया जा रहा है। होली से ठीक पहले और त्योहार वाले दिन किराया 800 से 1000 रुपए तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। रविवार की छुट्टी जुड़ने से लोगों को लगातार तीन दिन का अवकाश मिल रहा है, जिसके कारण यात्रियों की संख्या अचानक बढ़ गई है।

बस सेवाओं की स्थिति भी अलग नहीं है। भोपाल से बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग के लिए चलने वाली बसों का किराया सामान्यतः 1400 से 1550 रुपए के बीच होता है, लेकिन त्योहार के कारण यह 1800 से 2000 रुपए तक पहुंच गया है। 

त्योहार के कारण श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी
यात्रियों का कहना है कि भीड़ इतनी अधिक है कि कई बसों में लोगों को अतिरिक्त स्टूल लगाकर बैठाया जा रहा है। मथुरा और वृंदावन जाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भी खासा इजाफा हुआ है। ट्रैवल एजेंसियों के अनुसार दर्जनों टैक्सियां पहले ही बुक हो चुकी हैं।

ऑनलाइन टिकटिंग प्लेटफॉर्म पर बसों की सीटें तेजी से भर गई हैं। शहर के प्रमुख बस स्टैंड-आईएसबीटी, नादरा, हलालपुर और पुतलीघर-से रोजाना सैकड़ों बसें और टैक्सियां संचालित होती हैं, लेकिन त्योहार के कारण मांग आपूर्ति से कहीं अधिक हो गई है।

रेलगाड़ियों में भी बिल्कुल जगह नहीं बची
ट्रेनों की बात करें तो दिल्ली जाने वाली कई प्रमुख गाड़ियों में सीटें उपलब्ध नहीं हैं। कुछ ट्रेनों में वेटिंग लंबी हो चुकी है, जबकि कुछ में एसी श्रेणी में प्रतीक्षा सूची चल रही है। हालांकि वंदे भारत जैसी कुछ ट्रेनों में सीमित सीटें उपलब्ध बताई जा रही हैं।

कई यात्रियों के कन्फर्म टिकट भी रद्द हो रहे हैं, जिससे उन्हें तत्काल या वैकल्पिक मार्ग अपनाना पड़ रहा है। कुल मिलाकर, होली की छुट्टियों ने यात्रा को महंगा और कठिन बना दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि त्योहारों के दौरान अतिरिक्त ट्रेनों और बसों की व्यवस्था की जानी चाहिए ताकि यात्रियों को राहत मिल सके।  

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