मध्य प्रदेश की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है, जहां दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को 3 साल की सजा मिलने के बाद विधानसभा ने अयोग्य घोषित कर दिया है। बैंक धोखाधड़ी मामले में दोषी पाए जाने के बाद उनकी सदस्यता खत्म हो गई है।

भोपाल। मध्य प्रदेश विधानसभा सचिवालय ने कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को अयोग्य घोषित करते हुए उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त कर दी है। यह कार्रवाई उनके खिलाफ बैंक धोखाधड़ी मामले में अदालत द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद की गई है। आधिकारिक आदेश के अनुसार, यह फैसला 2 अप्रैल 2026 को लागू किया गया। राजेंद्र भारती दतिया विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित विधायक थे। उनकी अयोग्यता के साथ ही दतिया सीट को रिक्त घोषित कर दिया गया है। यह निर्णय संवैधानिक प्रावधानों के तहत लिया गया है।

अदालत के फैसले के बाद हुई कार्रवाई
विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी आदेश में बताया गया है कि राजेंद्र भारती को एक आपराधिक मामले में दोषी ठहराया गया है। यह फैसला नई दिल्ली के राउज एवेन्यू स्थित विशेष एमपी/एमएलए कोर्ट द्वारा सुनाया गया। अदालत ने उन्हें बैंक धोखाधड़ी के मामले में दोषी पाया। इसके तहत उन्हें 3 साल की सजा सुनाई गई है। इसके साथ ही उन पर 1 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।

कानून के तहत स्वतः गई सदस्यता
भारतीय संविधान और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 8 के अनुसार, यदि कोई जनप्रतिनिधि 2 साल या उससे अधिक की सजा पाता है, तो वह स्वतः ही अपनी सदस्यता के लिए अयोग्य हो जाता है। इसी कानूनी प्रावधान के तहत राजेंद्र भारती को अयोग्य घोषित किया गया। यह अयोग्यता उनकी सजा की तारीख से ही प्रभावी मानी गई है।

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का भी पालन
आदेश में यह भी उल्लेख किया गया है कि यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के 10 जुलाई 2013 के फैसले के अनुरूप है। इस फैसले में कहा गया था कि किसी भी दोषी जनप्रतिनिधि को तत्काल प्रभाव से अयोग्य घोषित किया जाए। इसी निर्देश के आधार पर विधानसभा ने तुरंत कार्रवाई की। इससे पहले इस तरह के मामलों में देरी होती थी। अब नियमों के तहत तुरंत अयोग्यता लागू की जाती है।

दतिया सीट खाली, आगे की प्रक्रिया शुरू
राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त होने के बाद दतिया विधानसभा सीट खाली हो गई है। इस संबंध में निर्वाचन आयोग को भी सूचना भेज दी गई है। साथ ही राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों को भी इस फैसले की जानकारी दी गई है। आगे की प्रक्रिया के तहत इस सीट पर उपचुनाव कराया जा सकता है। इसके लिए आधिकारिक गजट प्रकाशन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।