इंदौर। मध्य पूर्व में ईरान और इजराइल-अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य टकराव का प्रभाव अब सीमाओं से बाहर दिखाई देने लगा है। क्षेत्र में सुरक्षा हालात बिगड़ने के कारण कई देशों ने एहतियातन अपने हवाई मार्गों में बदलाव किए हैं, जिसका सीधा असर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर पड़ा है। विशेष रूप से संयुक्त अरब अमीरात में एहतियाती कदम उठाते हुए कई उड़ानें रद्द कर दी गईं और दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर परिचालन आंशिक रूप से प्रभावित हुआ।
हजारों लोग दुबई एयरपोर्ट पर फंसे
इस स्थिति के कारण शारजाह से इंदौर आने वाली एक निर्धारित फ्लाइट भी निरस्त करनी पड़ी, जिससे इंदौर के 100 से अधिक यात्री दुबई में ही फंस गए हैं। इन यात्रियों में इंदौर के पूर्व विधायक संजय शुक्ला सहित कई व्यापारी और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोग शामिल हैं। वे सभी एक पारिवारिक समारोह में भाग लेने के लिए दुबई पहुंचे थे। अचानक उड़ान रद्द होने से उनकी वापसी टल गई। संजय शुक्ला ने एक्स के माध्यम से जानकारी साझा करते हुए बताया सभी लोग पूरी तरह से सुरक्षित हैं।
आदरणीय इंदौरवासियों एवं शुभचिंतकों,
— Sanjay Shukla (@SanjayShukla_01) February 28, 2026
आप सभी की चिंता, स्नेह और निरंतर फोन कॉल्स के लिए हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ।
मैं आप सभी को आश्वस्त करना चाहता हूँ कि मैं, मेरा पुत्र आकाश एवं मेरे सभी साथी पूर्णतः सुरक्षित एवं कुशल हैं।
वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण दुबई…
सिंधू का विमान भी रास्ते से लौटा
संजय शुक्ला ने बताया स्थानीय प्रशासन तथा भारतीय दूतावास सहयोग कर रहा है। हालांकि, क्षेत्रीय हालात सामान्य होने तक यात्रा संभव नहीं लग रही। संकट का प्रभाव केवल एक शहर या राज्य तक सीमित नहीं है। दुबई, जो वैश्विक स्तर पर अत्यधिक व्यस्त हवाई केंद्रों में गिना जाता है, वहां हजारों यात्री प्रभावित हुए हैं। भारत की प्रसिद्ध बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु को भी इसी अव्यवस्था का सामना करना पड़ा। वह ब्रिटेन में एक प्रतियोगिता में भाग लेने जा रही थीं, लेकिन सुरक्षा कारणों से उनकी उड़ान को बीच रास्ते से वापस दुबई लौटना पड़ा।
मध्य-पूर्व में जंग से उड़ानें प्रभावित
जानकारी के अनुसार, सिंधू के विमान को बीच रास्ते से वापस लौटना पड़ा जिससे उनका यात्रा कार्यक्रम बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। ताजा घटनाक्रम की वजह से पूरे मध्य पूर्व में हवाई उड़ानों का शेड्यूल डगमगा गया है। हवाई क्षेत्र में प्रतिबंध लगने या उड़ानें रद्द होने से यात्रियों की योजनाएं अचानक बदल जाती हैं। व्यापार, पर्यटन और अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम भी बुरी तरह प्रभावित होते हैं। यही वजह है कि एयरपोर्टों पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ एकत्र है।









