भोपाल। प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत राज्य की पात्र महिलाओं को हर माह आर्थिक सहायता दी जाती है। अब तक इस योजना की 33 किस्तें जारी की जा चुकी हैं और मार्च 2026 में 34वीं किस्त जारी होने की संभावना है। अनुमान है कि 10 से 15 मार्च 2026 के बीच लगभग 1.25 करोड़ लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में 1500-1500 रुपए भेजे जा सकते हैं। यह राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है।
14 फरवरी को जारी की गई थी पिछली किस्त
इस योजना के तहत जैसे ही पैसे खातों में जमा होंगे, लाभार्थियों के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस भेजा जाएगा। हालांकि अब तक राज्य सरकार की ओर से किस्त जारी करने की तिथि घोषित नहीं की गई है। पिछली यानी 33वीं किस्त 14 फरवरी 2026 को जारी की गई थी। जिन महिलाओं ने योजना में पंजीकरण कराया है और सभी पात्रता शर्तें पूरी करती हैं, उन्हें ही अगली किस्त का लाभ मिलेगा।
ई-केवाईसी जरूरी, नहीं तो रुक सकती है राशि
योजना का लाभ पाने के लिए ई-केवाईसी करवाना अनिवार्य है। जिन महिलाओं ने यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उनकी किस्त अटक सकती है। लाभार्थी महिलाएं अपनी भुगतान स्थिति देखने के लिए योजना की आधिकारिक वेबसाइट cmladlibahna.mp.gov.in पर जाकर आवेदन एवं भुगतान की स्थिति विकल्प के माध्यम से जानकारी प्राप्त कर सकती हैं।
2023 में शुरू की गई थी यह योजना
प्रदेश सरकार ने इस योजना की शुरुआत मई 2023 में की थी। इसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और उनके स्वास्थ्य व पोषण स्तर में सुधार करना है। योजना की पहली किस्त 10 जून 2023 को जारी की गई थी। शुरुआत में महिलाओं को हर महीने 1000 रुपए दिए जाते थे, जिसे बाद में अक्टूबर 2023 में बढ़ाकर 1250 रुपए कर दिया गया। नवंबर 2025 से यह राशि 1500 रुपये प्रति माह कर दी गई है। रक्षाबंधन पर वर्ष 2023, 2024 और 2025 में अतिरिक्त 250 रुपए की विशेष सहायता दी गई।
जानिए योजना में क्या हैं पात्रता की शर्तें
इस योजना का लाभ केवल मध्य प्रदेश की स्थानीय निवासी महिलाओं को मिलता है। इसमें विवाहित महिलाओं के साथ-साथ विधवा, तलाकशुदा, परित्यक्ता और आर्थिक रूप से कमजोर महिलाएं भी शामिल हैं। योजना का लाभ लेने के लिए 21 से 60 वर्ष तक की आयु निर्धारित है। इस योजना का लाभ लेने के लिए महिला का स्वयं का बैंक खाता होना चाहिए। जिन परिवारों की सालाना आय 2.5 लाख से अधिक है या परिवार का कोई सदस्य आयकरदाता है, वे इस योजना के पात्र नहीं हैं।
अब तक 52,304 करोड़ से अधिक सहायता
राज्य सरकार के अनुसार अब तक इस योजना के तहत महिलाओं को 52,304 करोड़ रुपये से अधिक की सहायता राशि दी जा चुकी है। सरकार का लक्ष्य भविष्य में इस राशि को 1500 से बढ़ाकर 3000 रुपए प्रति माह करने का है। वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में भी इस योजना के लिए 23,882 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। प्रदेश सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए यह योजना आगे भी जारी रहेगी।










