जबलपुर। प्रदेश में जबलपुर और भोपाल को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-45 पर शहपुरा के पास रेलवे क्रॉसिंग के ऊपर बने ओवरब्रिज का एक हिस्सा रविवार शाम अचानक धंस गया। घटना के तुरंत बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर मार्ग को बंद कर दिया और वाहनों की आवाजाही रोक दी। बाद में, छोटे वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग बनाया गया।
सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए पुलिस और प्रशासनिक दल मौके पर तैनात कर ट्रैफिक को वैकल्पिक रास्तों से मोड़ा दिया गया। जानकारी के मुताबिक, इसी पुल के एक हिस्से में दिसंबर महीने में भी दरारें और क्षति देखी गई थी। उस समय पुल की एक लेन को बंद कर दिया गया था और ट्रैफिक केवल एक ओर से संचालित किया जा रहा था।
400 करोड़ से 3 साल पहले ही बना था पुल
दूसरी लेन पर मरम्मत और निर्माण का काम जारी था। जिस हिस्से में काम चल रहा था, वहीं दोबारा धंसाव की स्थिति बन गई। इससे निर्माण की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। करीब 400 करोड़ रुपए की लागत से तैयार यह ओवरब्रिज तीन साल पहले ही बनाया गया था।
इतनी कम अवधि में दोबारा नुकसान सामने आना चिंताजनक माना जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि तकनीकी टीम मौके पर पहुंचकर संरचना की जांच कर रही है और रिपोर्ट के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। जब तक सुरक्षा मानकों की पुष्टि नहीं हो जाती, तब तक मार्ग बहाल नहीं किया जाएगा।
हल्के वाहन वैकल्पिक मार्ग से निकाले जा रहे
मार्ग बंद होने से जबलपुर-भोपाल के बीच आवागमन प्रभावित हुआ है। हल्के वाहनों को शहपुरा बस्ती के अंदरूनी रास्तों से निकाला जा रहा है, जबकि भारी वाहनों की आवाजाही पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। यातायात दबाव को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल लगाया गया है।
यह पुल रेलवे क्रॉसिंग के ऊपर बनाया गया था ताकि ट्रैफिक जाम से राहत मिल सके। जिस स्थान पर धंसाव हुआ है, उसके लगभग 50 मीटर नीचे रेल ट्रैक गुजरता है। यदि यह हिस्सा सीधे पटरियों पर गिरता या उसी समय कोई ट्रेन गुजर रही होती, तो गंभीर रेल दुर्घटना हो सकती थी।
एहतियातन रेलवे विभाग ने भी क्षेत्र में बढ़ाई निगरानी
एहतियातन रेलवे विभाग ने भी क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है। इस बीच नेशनल हाईवेज अथारिटी ऑफ इंडिया के जबलपुर प्रोजेक्ट डायरेक्टर अमृत साहू ने स्पष्ट किया है कि संबंधित सड़क खंड उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। उनके अनुसार, इस हिस्से की देखरेख और रखरखाव की जिम्मेदारी मध्य प्रदेश रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन के पास है।
इसलिए निर्माण और मरम्मत से जुड़े मामलों में एनएचएआई उत्तरदायी नहीं है। घटना के बाद टोल प्लाजा को अस्थायी रूप से बिना शुल्क वाहनों को निकालने के निर्देश दिए गए थे, पर कुछ वाहन चालकों ने टोल वसूली की शिकायत भी की है। फिलहाल जांच जारी है और मरम्मत के बाद ही यातायात सामान्य होने की संभावना है।