ग्वालियर। मध्य प्रदेश में पुलिस भर्ती प्रक्रिया के तहत ग्वालियर स्थित 14वीं बटालियन परिसर में नव आरक्षकों की शारीरिक प्रवीणता परीक्षा आयोजित की गई है। इस चरण में लगभग 5500 अभ्यर्थी अपनी शारीरिक क्षमता और फिटनेस का प्रदर्शन करेंगे। यह परीक्षण 14 मार्च तक चलेगा और प्रतिदिन करीब 400 उम्मीदवारों को मैदान में बुलाया जाएगा। पूरी प्रक्रिया सख्त निगरानी और तय मानकों के अनुसार संपन्न कराई जाएगी। भर्ती अभियान प्रदेशभर में लगभग 7500 आरक्षक पदों को भरने के लिए चलाया जा रहा है। लिखित परीक्षा में सफल घोषित किए गए अभ्यर्थियों को अब शारीरिक दक्षता परीक्षा से गुजरना होगा।
दौड़, गोला फेंक के साथ लंबी कूद होगी
इस चरण में उम्मीदवारों की दौड़, गोला फेंक और लंबी कूद जैसी गतिविधियों के माध्यम से शारीरिक योग्यता का आकलन किया जाएगा। प्रत्येक प्रतिभागी को गोला फेंक और लंबी कूद में तीन अवसर दिए जाएंगे, जबकि 800 मीटर की दौड़ निर्धारित समय सीमा में पूरी करनी अनिवार्य होगी। पूरी परीक्षा प्रक्रिया की देखरेख के लिए विशेष समिति बनाई गई है, जिसकी अध्यक्षता Amit Sanghi कर रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में सुरक्षा और पारदर्शिता को प्राथमिकता दी गई है। परीक्षा स्थल पर लगभग 300 पुलिसकर्मी और अधिकारी तैनात रहेंगे, जो व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करेंगे।
मैदान में दो दर्जन से अधिक सीसीटीवी कैमरे
इसके अलावा, मैदान में दो दर्जन से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके। तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए परीक्षा से पहले रिहर्सल भी की गई। इसमें अधिकारियों ने स्वयं मौजूद रहकर व्यवस्थाओं की समीक्षा की। एसएएफ के जवानों को उम्मीदवार मानकर पूरी प्रक्रिया का अभ्यास कराया गया, ताकि किसी भी प्रकार की तकनीकी या व्यवस्थागत कमी को पहले ही दूर किया जा सके। बटालियन के कमांडेंट संजीव सिंह ने भी व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
टेंट और पेयजल के साथ अस्पताल की व्यवस्था
अभ्यर्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मैदान में टेंट, प्रकाश व्यवस्था और पेयजल की व्यवस्था की गई है। साथ ही किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए चिकित्सा शिविर भी लगाया गया है, जहां अनुभवी चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी तैनात रहेंगे। दौड़ जैसी गतिविधियों के दौरान स्वास्थ्य संबंधी जोखिम को देखते हुए एहतियाती इंतजाम किए गए हैं। यह परीक्षा केवल शारीरिक क्षमता का परीक्षण नहीं, बल्कि युवाओं के अनुशासन, धैर्य और मानसिक मजबूती की भी कसौटी है। हजारों अभ्यर्थियों के लिए यह अवसर सरकारी सेवा में प्रवेश का महत्वपूर्ण चरण है।









