ईरान और अमेरिका-इजराइल संघर्ष के बीच यूएई के दुबई, शारजाह और अबूधाबी एयरपोर्ट अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए हैं। शारजाह-इंदौर की एयर इंडिया एक्सप्रेस उड़ानें 28 फरवरी से रद्द हैं, जिससे मध्यप्रदेश के सैकड़ों यात्री वहां फंसे हुए हैं।  

इंदौर। ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच जारी सैन्य टकराव का असर अब लगभग सभी खाड़ी देशों में दिखने लगा है। हवाई हमलों की वजह से संयुक्त अरब अमीरात के प्रमुख हवाई अड्डे-दुबई, शारजाह और अबूधाबी-को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।

शारजाह से इंदौर आने वाली एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ानें 28 फरवरी से स्थगित हैं। बड़ी संख्या में इंदौर सहित प्रदेश के सैकड़ों यात्री यूएई में फंस गए हैं। इस बीच प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने ताजा हालात की जानकारी के लिए दिल्ली में विभिन्न मंत्रालयों से संपर्क कर दुबई में फंसे लोगों की वापसी के बारे में चर्चा है। 

फ्लाइट रद्द, सैकड़ों यात्री परेशान
हवाई सेवाएं फिलहाल स्थगित हैं। इसके कारण इंदौर और प्रदेश के अन्य शहरों के सैकड़ों यात्री यूएई में ही रुकने को मजबूर हैं। कई लोग पर्यटन या व्यावसायिक कार्य से गए थे और उनकी वापसी तय तारीख पर नहीं हो सकी।

लगातार उड़ानें रद्द होने से होटल खर्च और असुरक्षा की भावना ने चिंता और बढ़ा दी है। प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने स्थिति को देखते हुए दिल्ली में संबंधित मंत्रालयों से संपर्क किया है। उन्होंने दुबई में फंसे पूर्व विधायकों और कारोबारी पिंटू छाबड़ा से बात कर हालात की जानकारी ली। 

जहां ठहरे थे उसी के पास गिरी मिसाइल 
विजयवर्गीय ने फोन पर बातचीत में सुझाव दिया कि यदि संभव हो तो लोग ओमान के रास्ते भारत लौटने की कोशिश करें, क्योंकि भारत और ओमान के बीच हवाई संपर्क अभी जारी है।

इसके साथ ही उन्होंने सभी यात्रियों को भारतीय दूतावास से लगातार संपर्क बनाए रखने और आधिकारिक दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। दुबई में ठहरे कुछ भारतीय जिस इलाके में रह रहे थे, उसके पास स्थित पार्क जुमेराह होटल के समीप मिसाइल गिरने की खबर सामने आई। 

एहतियातन भारतीयों ने खाली किया क्षेत्र
लोगों ने फोन पर बताया कि इस धमाके के बाद एहतियातन सभी भारतीयों ने वह क्षेत्र छोड़ दिया और दूसरी जगह आश्रय ले लिया। दुबई शहर में सायरन और धमाकों की आवाजें सुनाई दे रही हैं, जिससे डर का माहौल बना हुआ है। हालांकि अब तक सभी भारतीय सुरक्षित बताए जा रहे हैं।

जब तक यूएई के एयरपोर्ट पूरी तरह संचालित नहीं होते, तब तक इन लोगों को वहीं रहना मजबपूरी हो गई हैं। हालांकि इस बीच ईरान-अमेरिका और इजराइल के बीच जारी युद्ध ने पूरे खाड़ी क्षेत्र को अपने प्रभाव में ले लिया है।  ऐसे में भारत ने भारतीय यात्रियों को वहां से निकालने की बातचीत शुरू कर दी है।