गुना। प्रदेश के गुना जिले में एक गंभीर सड़क दुर्घटना में तीन लोगों की जान चली गई। यह हादसा कुंभराज थाना क्षेत्र में उस समय हुआ जब एक किसान अपनी उपज बेचकर गांव लौट रहा था। ट्रैक्टर-ट्रॉली के पलटने से उसमें सवार तीन व्यक्ति भारी लोहे के सरियों के नीचे दब गए। जानकारी के मुताबिक, बकोन्या गांव के 60 वर्षीय बाबूलाल मीणा अपने बेटे और साथियों के साथ कृषि उपज मंडी में धनिया बेचने गए थे। मंडी का काम निपटाने के बाद उन्होंने घर निर्माण के लिए बड़ी मात्रा में लोहे का सरिया खरीदा। करीब दस क्विंटल से अधिक सरिया ट्रॉली में लादकर वे शाम के समय गांव की ओर रवाना हुए।
ढलान पर बिगड़ा ट्रैक्टर का संतुलन
बताया जा रहा है कि ट्रैक्टर बाबूलाल का बेटा चला रहा था। जब वाहन मृगवास मार्ग पर सिंगपुरा के पास घाटीनुमा हिस्से में पहुंचा, तब अधिक वजन और ढलान के कारण ट्रैक्टर-ट्रॉली असंतुलित हो गई। अचानक नियंत्रण छूटने से ट्रॉली पलट गई और उसमें बैठे लोग सीधे भारी सरियों के नीचे दब गए। दुर्घटना के बाद चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए। ट्रॉली और सरियों का वजन इतना अधिक था वे दबे लोगों में किसी को निकाल नहीं सके। ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद राहत कार्य शुरू किया गया।
जेसीबी की मदद से निकाले गए शव
पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जेसीबी मशीन मंगवाई। मशीन की सहायता से ट्रॉली और सरियों को हटाया गया। काफी मशक्कत के बाद बाबूलाल मीणा, जगदीश अहिरवार और रमन अहिरवार को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक तीनों की मृत्यु हो चुकी थी। ट्राली मे लदी सरियों के अत्यधिक वजन और गंभीर चोटों के कारण उनकी मौके पर ही जान चली गई।
दुर्घटना के बाद गांव में शोक
इस दुर्घटना से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। एक ही गांव के तीन लोगों की असामयिक मृत्यु से परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। पुलिस ने मर्ग कायम कर शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और घटना की जांच शुरू कर दी है। यह हादसा एक बार फिर दर्शाता है कि ओवरलोडिंग और ढलान वाले रास्तों पर लापरवाही कितनी घातक साबित हो सकती है। ग्रामीण इलाकों में सुरक्षित परिवहन के प्रति जागरूकता और सतर्कता बेहद आवश्यक है, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं से बचा जा सके।










