हरियाणा में 25 फरवरी से 12वीं और 26 फरवरी से 10वीं की परीक्षाएं शुरू होने जा रही है जिसको ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा एक बहुत ही अहम फैसला लिया गया है ताकि परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी सामने न आने पाए। यह फैसला हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (BSEH) भिवानी से लिया गया है। जानकारी के मुताबिक बोर्ड अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) पवन कुमार शर्मा ने बोर्ड परीक्षाओं को लेकर प्रेस कांफ्रेस में कहा कि इस बार बोर्ड परीक्षाओं में लगभग 5 लाख 71 हजार 767 परीक्षार्थी बैठेंगे और इस बार तकरीबन 60 हजार से अधिक परीक्षार्थी पिछली बार की तुलना में अधिक हैं। बता दें कि 10वीं की परीक्षाएं 20 मार्च और 12वीं की परीक्षाएं 1 अप्रैल को समाप्त हों जाएंगी।
प्रत्येक सेंटर पर होंगे सीसीटीवी कैमरे
अपनी प्रेस कांफ्रेस के दौरान डॉ. पवन कुमार शर्मा ने जानकारी दी कि हमने इस बार परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि प्रत्येक कमरे में सीसीटीवी की अनिवार्यता की है ताकि परीक्षा को सुनियोजित तरीके से करवाया जा सके और जिन परीक्षार्थियों के सेंटर दूर आए हैं उसको भी ध्यान में रखा कर कोई हल निकाला जाएगा दरअसल, ऐसी शिकायतें हमारे पास आई हैं, लेकिन वे काफी कम आई है। इसका कारण यह होगा कि जब परीक्षार्थियों के पास सेंटर भरने का ऑप्शन आया होगा तब कोई तकनीकी दिक्कत आई होगी जिस कारण कुछ बच्चों के सेंटर दूर आये हैं।
पेपर कैंसिल होने पर होगा मुख्यलय पर एग्जाम
कई बार नकल के चलते पेपर कैंसिल किये जाते है ऐसा कई बार देखा गया है कि ज्यादातर परीक्षाओं के समय में ही पेपर लीक हो जाता है और साथ ही पिछली बार बाहरी हस्तक्षेप और नकल के मामले मिलने के कई मामले भी सामने आते है ऐसा पिछली बार भी देखा गया था। इसलिए डॉ. पवन कुमार शर्मा ने कहा कि 'बाहरी हस्तक्षेप को रोकने के लिए पंचायतों से सहायता ली गई है। इसके साथ ही पंचायतों से आग्रह रहेगा कि किसी प्रकार की भीड़ ना हो।' इस कार्य के लिए पुलिस का भी सहारा लिया गया है और इस दौरान पीसीआर का भी राउंड रहेगा। इसके बाद भी यदि किसी सेंटर पर अनियमितता मिलती है तो उस सेंटर को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा और यही नहीं बल्कि उस केंद्र भी कैंसिल किया जाएगा।
पवन कुमार शर्मा ने आगे बताया कि 'अगर ऐसी घटना होती है तो जिला मुख्यालय पर ही पेपर देने के लिए विद्यार्थियों को आना पड़ेगा। जो स्टॉफ सदस्य ड्यूटी में कोताही बरतते हुए मिले हैं, उन्हें भी ब्लैक लिस्ट किया गया है।' और ना उन्हें शामिल नहीं किया जाएगा।इसलिए सभी शिक्षक भी इस परीक्षा को गंभीरता से लें इस बार कोई कोताही नहीं बरती जाएगी।
15 मई तक रिजल्ट आने की जताई संभावना
अपनी प्रेस कांफ्रेस के दौरान डॉ. पवन कुमार शर्मा ने बताया कि परीक्षा पर नियंत्रण करने के लिए 7 जगह कंट्रोल रूम बनाए गये हैं, जिसमें भिवानी, अंबाला, फतेहाबाद, करनाल, पलवल, रोहतक और गुरुग्राम भी शामिल हैं। यदि परीक्षा के दौरान कहीं अनियमितता दिखे तो लोग यहां प्रमाण के साथ सूचना दे सकते हैं जिसके बाद उस पर तुंरत कार्यवाई की जाएगी।
इस बार तकरीबन 15 मई के आसपास परिक्षा के परिणाम घोषित जाने की संभावना है।
सरकार ने 325 फलाइंग स्कवैड बनाए जाने की घोषणा की है
कई बार नकल को रोकने के लिए कोई कार्यवाई नहीं की जा पाती लेकिन सरकार ने इस बार कड़ा रूख अपनाते हुए यह अहम फैसला लिया कि नकल और अन्य अनुचित साधनों के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए 325 फलाइंग स्कवैड होंगे जो करीब 1420 परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण करेंगे। जानकारी के मुताबिक इनमें बोर्ड अध्यक्ष-1, बोर्ड उपाध्यक्ष-1, बोर्ड सचिव-1, उप सचिव-1, सहायक सचिव (संचालन)-1, उपायुक्त उड़नदस्तें-22, उप-मंडल (ना) उड़नदस्तें-69, बोर्ड अध्यक्ष विशेष उड़नदस्ते-22, बोर्ड उपाध्यक्ष विशेष उड़नदस्ते-22, बोर्ड सचिव विशेष उड़नदस्ते-22, जिला शिक्षा अधिकारी उड़दस्ते-22, जिला प्रश्र पत्र उड़नदस्ते-22, उप-मंडल प्रश्र पन्न उड़नदस्ते-48, संग्रहण केंद्र उड़नदस्ते-22, रैपिड एक्शन फोर्स के उड़नदस्ते-21, एसटीएफ के उड़नदस्ते-21, नियंत्रण कक्ष उड़नदस्ते-7 गठित किए गए हैं ताकि किसी भी प्रकार से परीक्षा को बाधित ना किया जा सके।
धारा 163 लागू लगाने की होगी तैयारी
इस बार बोर्ड अध्यक्ष ने जानकारी ही कि इस बार की परीक्षा में‘शून्य सहनशीलता’ की नीति अमल में लाई जाएगी। सभी विद्यार्थियों को तलाशी के बाद ही परीक्षा भवन में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। इसके साथ ही बाहरी हस्तक्षेप की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन द्वारा धारा-163 लागू करने की बात कही। यही नहीं बल्कि परीक्षा केंद्र के 100 मीटर के दायरे में कोई व्यक्ति अनावश्यक रूप से घूमता पाया जाता है या फिर नकल करवाने में संलिप्त पाया जाता है तो तुरंत उसके खिलाफ नियमानुसार पुलिस प्रशासनिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
अनुमान के मुताबिक 5.71 लाख परीक्षार्थी देंगे परीक्षा
जानकारी के मुताबिक इस बार बोर्ड परीक्षाओं में तकरीबन 1420 परीक्षा केंद्रों पर कुल 5,71,767 परीक्षार्थी शामिल होगें। इनमें 10वीं के 1,55,027 छात्र और 1,4,721 छात्राएं और सीनियर सेंकेडरी 12वीं के 1,41,566 छात्र और 1,29,97 छात्राएं शामिल हैं।यदि अध्यापक के आंकड़ों की बात की जाए तो उनमें डीएलएड परीक्षा मे 5,356 टीचर शामिल किये गये है।
इसके साथ ही बता दें कि इस बार बोर्ड अध्यक्ष ने बड़ी राहत दी है और यह कहा कि यदि किसी परीक्षार्थी का पेपर उसकी उम्मीद अनुसार अच्छा नहीं है तो वह परीक्षा की समाप्ति के 15 दिन के अंदर अधीकतम दो विषयों में अंक सुधार के लिए परीक्षा दे सकेगा।
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