रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे भीषण युद्ध की तपिश अब हरियाणा के गांवों में मातम बनकर पहुंच रही है। करनाल के चौरा गांव के रहने वाले अनुज का शव, जो पिछले काफी समय से युद्ध क्षेत्र में लापता चल रहे थे, आज उनके पैतृक गांव पहुंचा। शव की स्थिति काफी खराब थी, जिसे देखकर परिजनों और ग्रामीणों का कलेजा मुंह को आ गया।
युद्ध की भेंट चढ़ा एक और हरियाणवी लाल
अनुज की मौत की खबर ने एक बार फिर विदेशी धरती पर फंसे भारतीय युवाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, अनुज काम की तलाश में विदेश गए थे, लेकिन परिस्थितियों वश उन्हें इस युद्ध का हिस्सा बनना पड़ा। काफी समय से उनके साथ संपर्क टूटा हुआ था और परिवार उनकी सलामती की दुआएं मांग रहा था, लेकिन आज उनकी वापसी एक 'सड़े हुए शव' के रूप में हुई।
हरियाणा के आंकड़े डराने वाले
अनुज का मामला कोई अकेला मामला नहीं है। आंकड़ों पर गौर करें तो:
- छठा शव: युद्ध की शुरुआत से लेकर अब तक हरियाणा के अलग-अलग जिलों से संबंध रखने वाले यह छठे युवा का शव है जो वतन वापस आया है।
- कई अब भी लापता: केवल करनाल ही नहीं, बल्कि जींद, कैथल और कुरुक्षेत्र जैसे जिलों के कई युवा आज भी इस युद्ध के बीच लापता बताए जा रहे हैं। उनके परिवारों को आज भी किसी चमत्कार की उम्मीद है।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
चौरा गांव में जैसे ही एम्बुलेंस अनुज का पार्थिव शरीर लेकर पहुंची, पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया। परिजनों का कहना है कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनके बेटे का अंत इस तरह होगा। ग्रामीणों में केंद्र सरकार और प्रशासन के प्रति भी रोष है कि युवाओं को ऐसे युद्ध क्षेत्रों से सुरक्षित निकालने के लिए और पुख्ता इंतजाम होने चाहिए।
हरियाणा के दर्जनों युवा युद्ध में फंसे
अनुज, निवासी चौरा गांव (करनाल)।लंबे समय से लापता होने के बाद क्षत-विक्षत अवस्था में मिला शव। हरियाणा के दर्जनों युवा अभी भी युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में फंसे या लापता हैं।
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