विधानसभा के बजट सत्र का चौथा दिन हंगामे की भेंट चढ़ गया। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस ने प्रदेशभर में अपने नेताओं को हाउस अरेस्ट करने का मुद्दा उठाया।

हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र का चौथा दिन हंगामे की भेंट चढ़ गया। बुधवार को सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच 'नेताओं की नजरबंदी' को लेकर जबरदस्त टकराव देखने को मिला। कांग्रेस ने सरकार पर लोकतंत्र की हत्या का आरोप लगाते हुए सदन से वॉकआउट किया, वहीं सरकार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर इसे विपक्ष का नया शिगूफा करार दिया। 

नजरबंदी के मुद्दे पर सदन में हुड्‌डा और सैनी के बीच बहस
कार्यवाही के दौरान रोहतक से कांग्रेस विधायक बीबी बत्रा ने राज्य में कांग्रेस नेताओं को कथित तौर पर 'हाउस अरेस्ट' किए जाने का मामला उठाया। नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा ने इस पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि यह विधायकों और नेताओं की सुरक्षा और अधिकारों का उल्लंघन है। हुड्डा ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि सरकार इस पर स्पष्टीकरण नहीं देगी, तो हम मुख्यमंत्री को सदन से बाहर नहीं जाने देंगे। 
जवाब में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने साफ किया कि सरकार की ओर से किसी भी नेता को नजरबंद करने के आदेश नहीं दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ प्रशासन (UT) ने सुरक्षा कारणों से कुछ कदम उठाए होंगे, जो विधानसभा के अधिकार क्षेत्र से बाहर का विषय है।

'गुलछर्रे उड़ाने' वाले बयान पर बढ़ा विवाद
बहस के बीच कांग्रेस विधायकों ने सदन में उन नेताओं की तस्वीरें दिखाईं, जिन्हें कथित तौर पर घरों से बाहर निकलने से रोका गया था। इस पर कैबिनेट मंत्री महिपाल ढांडा ने चुटकी लेते हुए कहा कि हो सकता है आपने खुद ही अपने सुरक्षा गार्डों को खड़ा कर तस्वीरें खिंचवाई हों। विवाद तब और बढ़ गया जब ढांडा ने नेता प्रतिपक्ष की ओर इशारा करते हुए पूछा कि क्या आप सदन में सिर्फ गुलछर्रे उड़ाने आते हैं? इस टिप्पणी से नाराज होकर कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी शुरू कर दी और विरोध स्वरूप सदन की कार्यवाही का बहिष्कार कर बाहर निकल गए। 

गुरुग्राम-नोएडा के बीच दौड़ेगी रैपिड रेल
हंगामे के बीच मुख्यमंत्री नायब सैनी ने प्रदेश के विकास को लेकर एक बड़ी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि गुरुग्राम, फरीदाबाद और उत्तर प्रदेश के नोएडा को जोड़ने वाले 'रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम' (RRTS) कॉरिडोर के अंतिम एलाइनमेंट को हरी झंडी दे दी गई है। इस कॉरिडोर का करीब 52 किलोमीटर हिस्सा हरियाणा में पड़ेगा। यह गुरुग्राम के इफको चौक से शुरू होकर फरीदाबाद के रास्ते नोएडा तक जाएगा। फरीदाबाद में 16 किलोमीटर का विशेष सेक्शन तैयार किया जाएगा। इसकी डीपीआर (DPR) तैयार होने के बाद जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होगा।

छछरौली के लोगों को मिलेगा मालिकाना हक 
सदन में एक अन्य महत्वपूर्ण घोषणा कर मुख्यमंत्री ने कहा कि यमुनानगर के छछरौली में दशकों से सरकारी जमीन पर बसे परिवारों को अब उनकी संपत्तियों का मालिकाना हक दिया जाएगा, 1887 से चली आ रही इस कानूनी उलझन को सुलझाने के लिए सरकार विस्तृत सर्वे कराएगी ताकि वहां रह रहे परिवारों को सुरक्षा और अधिकार मिल सके। 

नशे की समस्या और अवैध बूचड़खानों पर घेराबंदी
प्रश्नकाल के दौरान सिरसा से विधायक गोकुल सेतिया ने जिले में बढ़ते नशे का मुद्दा उठाते हुए इसे 'ड्रग हॉटस्पॉट' घोषित करने की मांग की। स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने बताया कि सरकार मुस्तैदी से काम कर रही है और सिरसा में 1600 से अधिक केमिस्ट शॉप पर सीसीटीवी लगाए गए हैं। वहीं, विधायक मामन खान ने नूंह में अवैध बूचड़खानों और उनसे फैलने वाली बीमारियों का मुद्दा उठाया, जिस पर मंत्री राव नरबीर सिंह ने जांच का आश्वासन दिया।

सड़कों के गड्ढे और खिलाड़ियों का बकाया 
मुलाना विधायक पूजा चौधरी ने प्रदेश की खस्ताहाल सड़कों का मुद्दा उठाया, जिस पर मंत्री आरती राव ने जवाब दिया। वहीं, विनेश फोगाट और विकास सहारण ने खिलाड़ियों के लंबित नकद पुरस्कारों के भुगतान में हो रही देरी पर खेल मंत्री गौरव गौतम से जवाब मांगा। खेल मंत्री ने आश्वासन दिया कि प्रक्रिया जारी है और जल्द ही भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।

सदन के बाहर धारा 163 लागू
बता दें कि कांग्रेस ने मनरेगा का नाम बदलने के विरोध में आज विधानसभा के घेराव का आह्वान किया था। प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर चंडीगढ़ स्थित कांग्रेस मुख्यालय के पास बीएनएस की धारा 163 लागू कर दी थी और भारी पुलिस बल तैनात किया था। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने दावा किया कि पुलिस ने उनके कार्यकर्ताओं और नेताओं को जिलों में ही रोक दिया, जिसके कारण सदन के भीतर और बाहर दोनों जगह तनाव बना रहा। 

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