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सीआईए टोहाना की टीम ने बाईपास नहर पुल के पास घेराबंदी कर 2 किलो 803 ग्राम अफीम बरामद की, जिसकी कीमत लाखों में है। अफीम के पैकेटों को नी-कैप और जूतों के भीतर बड़ी चालाकी से छिपा रखा था।

हरियाणा के फतेहाबाद में चल रहे नशा विरोधी अभियान के तहत पुलिस को बहुत बड़ी कामयाबी मिली है। सीआईए टोहाना की स्पेशल टीम ने सटीक गुप्त सूचना पर झारखंड से हरियाणा में नशे की खेप पहुंचाने आए दो तस्करों को रंगे हाथ पकड़ लिया। आरोपियों के पास से 2 किलो 803 ग्राम अफीम मिली है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय मार्केट में कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है। यह पूरी कार्रवाई डीएसपी (क्राइम) कुलवंत सिंह के निर्देश में की गई।

चैकिंग के दौरान घबराए तस्कर 
सीआईए टोहाना के प्रभारी उपनिरीक्षक अशोक कुमार ने बताया कि पुलिस को पिछले दिनों से इनपुट मिल रहे थे कि कई बाहरी राज्यों के गिरोह शहर में मादक पदार्थों की खेप खपाने की योजना बना रहे हैं। सूचना के आधार पर 24 फरवरी को ASI सुरेंद्र कुमार की अगुवाई में बाईपास नहर पुल के पास नाकेबंदी की गई थी। निगरानी के दौरान टीम को बस स्टैंड की ओर से दो युवक पैदल आते दिखे। जैसे ही उनकी नजर पुलिस पर पड़ी तो वे घबराकर उलटा भागने लगे। पुलिस कर्मियों ने पूरी घेराबंदी कर दोनों को मौके पर ही दबोच लिया। 

नी-कैप और जूतों के अंदर छिपाया था अफीम 
पकड़े गए आरोपियों की पहचान झारखंड के पलामू जिले (थाना तराहासी) के सोनपुरा निवासी मोहम्मद अबूल आलम और मोहम्मद हादिश मियां के रूप में हुई है। पुलिस ने संदेह पर उनकी तलाशी ली तो तस्करी का बेहद शातिर तरीका सामने आया। तस्करों ने अफीम के पैकेटों को पैरों पर पहने हुए नी-कैप के अंदर धागों से बांधकर रखा था। इतना ही नहीं, कुछ मात्रा जूतों के तलवों के भीतर भी छिपाई गई थी ताकि सामान्य चैकिंग में किसी को भनक न लगे। तलाशी के दौरान कुल 2.803 किलोग्राम अफीम बरामद की गई।  

रिमांड पर खुल सकता है पूरा नेटवर्क
इस गंभीर मामले पर थाना शहर टोहाना में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को 25 फरवरी को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड की मांग की करेंगे। रिमांड में पुलिस जानेगी कि हरियाणा में यह अफीम किसे दिया जाना था। इस अंतरराज्यीय नेटवर्क के पीछे मुख्य मास्टरमाइंड कौन है। 

झारखंड से लाए थे अफीम 
पूछताछ में तस्करों ने कबूल किया है कि वे झारखंड से यह खेप केवल स्थानीय क्षेत्र में सप्लाई करने के मकसद से लाए थे। सीआईए टोहाना की इस सफलता ने नशा तस्करों की कमर तोड़ दी है। फतेहाबाद पुलिस ने स्पष्ट किया है कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा और जिले को नशा मुक्त करने की यह मुहिम भविष्य में और तेज की जाएगी। 
 
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