धोखाधड़ी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया। एक एजेंट ने वर्क परमिट का झांसा देकर युवक को गलत वीजा CDC पर इंग्लैंड भेज दिया, जिसके चलते उसे वहां एयरपोर्ट पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। युवक को दो महीने जेल में रहने के बाद डिपोर्ट कर भारत वापस भेज दिया गया। परिवार का आरोप है कि एजेंट ने उनसे 18 लाख रुपए ठगे हैं।मंगौली जाटान निवासी राजबीर सिंह ने पुलिस को बताया कि एजेंट दर्शन लाल ने उनके साले के बेटे मोहित को इंग्लैंड में वर्क परमिट पर नौकरी दिलाने का लालच दिया था।
दरअसल,दिसंबर 2023 में मोहित का पासपोर्ट और 1 लाख रुपए एडवांस दिए गए। बाद में 50 हजार रुपए और दिए गए।जब मोहित इंग्लैंड पहुंचा, तो एजेंट ने परिवार को झांसा देकर 16.50 लाख रुपए और ले लिए। कुल मिलाकर 18 लाख रुपए की पेमेंट की गई।आरोपी ने मोहित को CDC (सीमेन डॉक्यूमेंट सर्टिफिकेट) पर भेजा था, जो केवल शिपिंग कार्यों के लिए मान्य होता है, न कि वर्क वीजा के तौर पर।
एयरपोर्ट से सीधा जेल, 2 महीने बाद हुए डिपोर्ट
मोहित जैसे ही इंग्लैंड के एयरपोर्ट पर उतरा, वहां की पुलिस ने उसे फर्जी दस्तावेजों के संदेह में गिरफ्तार कर लिया। परिजनों ने उसे छुड़ाने की काफी कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हुए। अंततः 2 महीने जेल की सलाखों के पीछे गुजारने के बाद उसे डिपोर्ट कर भारत वापस भेज दिया गया।
चेक बाउंस और जान से मारने की धमकी
जब परिवार ने एजेंट दर्शन लाल से अपने 18 लाख रुपए वापस मांगे, तो उसने टालमटोल शुरू कर दी।दबाव बनाने पर आरोपी ने अप्रैल 2025 में 18 लाख का चेक दिया, जो बैंक में बाउंस हो गया। कार्रवाई के डर से आरोपी ने 6 लाख रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर किए, लेकिन बाकी 12 लाख रुपए लौटाने से साफ इनकार कर दिया।अब आरोप है कि एजेंट बाकी पैसे मांगने पर परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहा है।
पुलिस की कार्रवाई
पीड़ित परिवार की शिकायत पर कुरुक्षेत्र पुलिस ने आरोपी एजेंट दर्शन लाल के खिलाफ धोखाधड़ी और इमिग्रेशन एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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