Gurugram Canal Repair: गुरुग्राम नहर की जर्जर हालत के कारण इसे फिर से बनाया जाएगा। ऐसे में मरम्मत कार्य के दौरान लोगों को कोई परेशानी ना हो इसके GMDA द्वारा प्लान B तैयार किया गया है।

Gurugram Canal Repair: गुरुग्राम नहर की जर्जर हालत की वजह से इसे फिर से बनाने का फैसला किया है। मरम्मत कार्य के दौरान पानी की किल्लत की समस्या न हो, इसे लेकर सिंचाई विभाग और GMDA द्वारा प्लान-बी तैयार किया है। इस प्लान के तहत चंदू बुढेड़ा जल शोधन संयंत्र से बसई संयंत्र तक बिछी 1600 एमएम की पाइपलाइन के माध्यम से पानी की सप्लाई की जाएगी।

बसई संयंत्र पुराने गुरुग्राम और नए सेक्टरों को पानी की सप्लाई के लिए जरूरी है। ऐसा कहा जा रहा है कि जब तक नहर का मरम्मत काम चलेगा,तब तक इसी वैकल्पिक पाइपलाइन और NCR नहर के माध्यम से पानी पहुंचाया जाएगा, और इसका शोधन किया जाएगा।  

प्लान-बी पर काम शुरू

गुरुग्राम नहर को मरम्मत कार्य की वजह से बंद कर दिया जाएगा, जिसकी वजह से पानी की सप्लाई नहीं होगी। लेकिन लोगों को असुविधा से बचाने के लिए  सिंचाई विभाग ने प्लान-बी पर काम करना शुरू कर दिया है। सिंचाई विभाग ने बसई जल शोधन संयंत्र तक पानी की सप्लाई पहुंचाने की तैयारी शुरू कर दी है। सिंचाई विभाग और GMDA अधिकारियों द्वारा फैसला लिया गया है कि  चंदू बुढेड़ा जल शोधन संयंत्र से बसई जल शोधन संयंत्र तक बिछी 1600 एमएम की पेयजल लाइन से कच्चे पानी की शोधित करने के बाद सप्लाई की जाएगी। 


गुरुग्राम में पानी की सप्लाई बसई और चंदू बुढेड़ा में बने जल शोधन संयंत्रों के माध्यमों से की जाती है। बसई की क्षमता 270 एमएलडी (मिलियन लीटर प्रतिदिन) है जबकि चंदू बुढेड़ा की क्षमता 400 एमएलडी रोजाना है। शहर में एक तिहाई से ज्यादा पानी बसई जल शोधन संयंत्र से होता है, जिसमें से ज्यादातर पानी पुराने गुरुगाम की कॉलोनियों के अलावा सेक्टर-99 से लेकर 115 तक किया जाता है। गुरुग्राम नहर की हालत काफी खराब है। इस नहर के माध्यम से सोनीपत से लेकर गुरुग्राम तक के कई इलाकों में पानी की सप्लाई होती है। इस नहर में चंदू बुढेड़ा जल शोधन संयंत्र से पानी पहुंचता है। 

2 हजार करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार

70 किलोमीटर लंबी इस नहर को फिर से बनाने के लिए सिंचाई विभाग ने करीब 2 हजार करोड़ रुपये का एस्टीमेट तैयार किया है। टेंडर जारी करने से पहले गुरुग्राम तक पानी पहुंचाने की वैकल्पिक व्यवस्था को देखा जा रहा है, दोनों विभागों ने फैसला किया है कि जब नहर की मरम्मत का काम चल रहा है, तब तक चंदू बुढेड़ा से बसई जल शोधन संयंत्र तक डाली गई पाइपलाइन से पानी पहुंचाया जाएगा। इसे लेकर जीएमडीए के कार्यकारी अभियंता अभिनव वर्मा द्वारा भी जानकारी दी गई है।