Delhi News: पुरानी दिल्ली का चांदनी चौक सिर्फ स्वादिष्ट परांठों, जलेबी, मसालों और गहनों के लिए ही नहीं जाना जाता है, बल्कि यहां से कई बड़े कारोबारियों ने अपनी शुरुआत की है। यह ऐतिहासिक बाजार छोटी दुकानों से शुरू हुए सपनों का गवाह है, जो आज अरबों रुपये की कंपनियां बन चुके हैं। 17वीं सदी में मुगल बादशाह शाहजहां के समय बसा यह बाजार आज भी मेहनत और लगन से सफलता पाने वालों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
1. डीएस ग्रुप: इत्र की छोटी दुकान से एफएमसीजी की बड़ी कंपनी
1929 में श्री धरमपाल जी ने चांदनी चौक में एक छोटी-सी इत्र (परफ्यूम) की दुकान खोलकर कारोबार शुरू किया। धीरे-धीरे यह व्यवसाय पान मसाला और माउथ फ्रेशनर जैसे क्षेत्रों में फैला। आज डीएस ग्रुप एफएमसीजी सेक्टर की प्रमुख कंपनी है। इसके ब्रांड जैसे रजनीगंधा, पास-पास, पल्स कैंडी और कैच मसाले बहुत लोकप्रिय हैं। कंपनी का कारोबार अब अरबों रुपये का है और यह भारत के साथ विदेशों में भी मजबूत उपस्थिति रखती है।
2. हैवेल्स: भगिरथ प्लेस की दुकान से मल्टीनेशनल ब्रांड
1958 में किमत राय गुप्ता ने चांदनी चौक के भगिरथ प्लेस इलाके में इलेक्ट्रिकल सामान की एक छोटी दुकान से शुरुआत की। उस समय किसी को अंदाजा नहीं था कि यह छोटा कारोबार आगे चलकर इतना बड़ा होगा। आज हैवेल्स पंखे, लाइट्स, केबल्स, स्विच और घरेलू उपकरणों में अग्रणी ब्रांड है। कंपनी की मार्केट वैल्यू हजारों करोड़ रुपये में है और यह कई देशों में अपना कारोबार चला रही है।
3. जियानीज: फतेहपुरी की मिठास
1956 के आसपास विभाजन के बाद ज्ञानी गुरचरण सिंह ने चांदनी चौक के फतेहपुरी इलाके में 'ज्ञानी दी हट्टी' नाम से एक छोटी-सी आइसक्रीम और डेयरी की दुकान शुरू की। यहां से फलूदा, रबड़ी और आइसक्रीम जैसी मिठाइयां बेची जाने लगीं। आज जियानीज दिल्ली-एनसीआर के अलावा कई शहरों में अपनी कई शाखाएं चला रहा है। यह ब्रांड एक स्थानीय दुकान से निकलकर पूरे देश में मशहूर हो चुका है।









