Delhi SC on Heritage Sites: दिल्ली के 173 ऐतिहासिक स्मारकों की बदहाली और उसके संरक्षण की स्थिति को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश के जानबूझकर उल्लंघन और ऐतिहासिक स्मारकों की स्थिति पर जवाब ना देने पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के महानिदेशक को अवमानना नोटिस जारी कर दिया है। इस मामले में जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की बेंच ने ASIके महानिदेशक को अगली सुनवाई की तय डेट पर व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश दिया है।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि, ‘अदालत इस आदेश के जानबूझकर उल्लंघन पर कड़ी आपत्ति जताती है, इसलिए, ASI के महानिदेशक को नोटिस जारी किया जाता है कि वह कारण बताएं कि अदालत उनके खिलाफ अवमानना की कार्यवाही क्यों न शुरू करे?
उन्हें अगली सुनवाई की तारीख पर कारण बताओ नोटिस के साथ व्यक्तिगत रूप से अदालत के सामने उपस्थित होना होगा।' शीर्ष अदालत ने कहा कि दिल्ली सरकार के पुरातत्व विभाग ने 19 स्मारकों की पहचान कर उनका निरीक्षण किया है, और सिवाय ‘लोकेशन' और ‘जियो-मैपिंग' के ज्यादातर बिंदुओं/क्षेत्रों के संबंध में अनुपालन किया गया है।
STORY | SC issues contempt notice to Archaeological Survey of India over Delhi heritage sites
— Press Trust of India (@PTI_News) March 28, 2026
Taking strong exception to the deliberate violation of its order, the Supreme Court has issued a contempt notice to the Director General of Archaeological Survey of India for failure to… pic.twitter.com/ODFHGYL2GI
हलफनामा दाखिल करने का निर्देश
बेंच ने यह भी कहा है कि 'पहले के आदेशों में उठे मुद्दों पर अनुपालन के संबंध में केवल एक सामान्य बयान दिया गया है। हम निर्देश देते हैं कि एक और हलफनामा दाखिल किया जाए जिसमें उन 19 स्थलों का विवरण दिया जाए जो पुरातत्व विभाग, दिल्ली सरकार के अधिकार क्षेत्र में आते हैं, इनका भी निरीक्षण किया जा चुका है।'
कोर्ट ने कहा, ‘इसमें हमारे पिछले आदेशों में उल्लिखित सभी क्षेत्रों का और साथ ही स्मारक के संबंध में उठाए गए कदमों का भी उल्लेख होना चाहिए। इसमें संबंधित स्थलों की अद्यतन तस्वीरें भी शामिल होनी चाहिए।'










