JNU Student Protest: जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स ने आज वाइस-चांसलर शांतिश्री डी पंडित के खिलाफ प्रोटेस्ट करते हुए उनके इस्तीफे की मांग उठाई है।

JNU Student Protest: दिल्ली की जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स ने आज 26 फरवरी गुरुवार को वाइस-चांसलर शांतिश्री डी पंडित के खिलाफ प्रोटेस्ट किया है। स्टूडेंट्स ने वीसी के इस्तीफे की मांग उठाई है। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखकर कैंपस के आसपास सिक्योरिटी काफी कड़ी कर दी गई है। 

बता दें कि इस मामले में पूर्व JNUSU अध्यक्ष धनंजय ने भी कुलपति के खिलाफ  राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग में शिकायत दर्ज कराई है, शिकायत में उन्होंने कुलपति पर सार्वजनिक मंच से घृणित और जातिवादी टिप्पणी करने का आरोप भी लगाया है। धनंजय ने मांग उठाई है कि आयोग मामले में तुरंत कार्रवाई करके निष्पक्ष जांच करें। 

हमें धमकाया-छात्रों का आरोप

जानकारी के मुताबिक, कैंपस में स्टूडेंट्स स्टूडेंट्स के बीच  JNU VC Must Go का नारा तेजी से फैल रहा है, जिसके तहत छात्रसंघ कुलपति को पद से हटाने और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। छात्रों ने यह भी आरोप लगाया है कि प्रशासन सुरक्षा कर्मियों के माध्यम से उन्हें डराया और धमकाया जा रहा है, ताकि आंदोलन को दबाया जा सके।

JNUSU ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया है। छात्रसंघ का यह भी कहना है कि JNUSU की पदाधिकारी अदिति और दानिश पर 5 पुरुष सुरक्षा गार्डों ने हमला किया है। स्टूडेंट्स ने आरोप लगाया है कि इस कार्रवाई को सुरक्षा निरीक्षक और एक एसोसिएट प्रोफेसर के निर्देश पर अंजाम दिया गया है। 


शांतिश्री डी पंडित ने क्या कहा था ?

पूरा मामला 16 फरवरी का बताया जा रहा है। दरअसल इस दिन  एक पॉडकास्ट में VC शांतिश्री UGC के '2026 इक्विटी (एंटी-डिस्क्रीमिनेशन) रेगुलेशन' पर चर्चा कर रही थीं. उस दौरान उन्होंने कहा कि' इसे काफी सीक्रेट तरीके से किया गया, यहां तक कि हमें भी पता नहीं चला कि इसमें क्या लिखा गया है। आप किसी एक ग्रुप को पावर देकर और दूसरे को न्याय देने से मना नहीं कर सकते।'

'उन्होंने आगे कहा कि दलित और अश्वेत  लोग हमेशा 'विक्टिम' (पीड़ित) बनकर या 'विक्टिम कार्ड' खेलकर आगे नहीं बढ़ सकते। ये ड्रग्स से ज्यादा खतरनाक है, लगातार ये बताते रहो कि सामने दुश्मन है, और तुम उस पर चिल्लाते रहो, जिससे तुम्हें अच्छा फील होगा। ये सब असलियत नहीं है, सिर्फ काल्पनिक दुनिया बनाने की कोशिश हो रही है। मुझे लगता है कि हर कोई लड़ाई लड़ रहा है, एक ब्राह्मण भी बहुत गरीब परिवार से आ सकता है। हमें हर किसी के लिए और हर किसी के हक के लिए लड़ना होगा। ये आपके जन्म से मिली पहचान पर निर्भर नहीं हो सकता है। ये चीज अलोकतांत्रिक है।'

आंदोलन जारी रखने की घोषणा

शांतिश्री बयान को लेकर ABVP और लेफ्ट संगठन के बीच काफी झगड़ा हुआ। छात्रसंघ ने ABVP पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कुलपति का बचाव करने के नाम पर संगठन से जुड़े कुछ लोगों ने छात्रों और पदाधिकारियों को हिंसा की धमकी दी। छात्रों ने यह भी कहा कि 22 फरवरी की रात तनाव के माहौल में कई छात्र लाइब्रेरी के अंदर छिप गए, जिसके बाद प्रशासन ने इसी का फायदा उठाकर केस दर्ज करवा दिया।

केस दर्ज हो जाने के बावजूद छात्रसंघ ने आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। वहीं छात्रसंघ ने शिक्षा मंत्रालय तक लंबा मार्च निकालने की भी घोषणा भी कर दी है। जिसमें  UGC विनियमों को लागू करने और Rohith Act लागू करने की मांग उठाई जाने की सूचना है।