Delhi Murder Case: दिल्ली में ऑपरेटर अनुरूप गुप्ता मर्डर केस में पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में आरोपियों पूरे मामले का खुलासा किया है।

Delhi Murder Case: दिल्ली की द्वारका पुलिस की तरफ से 48 साल के कैंटीन ऑपरेटर अनुरूप गुप्ता के हत्याकांड मामले को सुलझा लिया गया है। बताया जा रहा है कि लालच और लूट की आड़ में अनुरूप गुप्ता की हत्या की गई थी। आरोपियों ने बेरहमी से अनुरूप की हत्या करके उसके शव के टुकड़े करके उन्हें यमुना में फेंक दिया था। पुलिस ने इस मामले में मास्टरमाइंड समेत 4 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के मुताबिक, मृतक के परिजन ने 23 फरवरी को अनुरूप गुप्ता के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। अपनी शिकायत में मृतक के भाई ने बताया कि अनुरूप गुप्ता 18 फरवरी के बाद से घर नहीं लौटा है, यहां तक कि उसकी कार का भी पता नहीं चल पाया है। उस दौरान मृतक के परिजन ने अनुरूप की किसी से दुश्मनी और झगड़े से मना किया है।

पुलिस ने CCTV खंगाला

शिकायत दर्ज होने के बाद डीसीपी अंकित सिंह ने अनुरूप को ढूंढने के लिए टीम बनाई थी। पुलिस ने सबसे पहले NHAI अधिकारियों से कार के बारे में पता किया था, जिसमें पता चला था कि कार को आखिरी बार 19-20 फरवरी की रात यमुना एक्सप्रेसवे पर देखा गया था। जिसके बाद टीम ने टोल प्लाजा पर गाड़ियों के CCTV फुटेज की जांच की, इसके अलावा द्वारका में भी मामले की जांच की गई।

उस दौरान पता चला कि 18 फरवरी को अनुरूप गुप्ता ने एक बाइक बुक की थी, वहीं उसने अपनी कार छत्तीसगढ़ सदन में ही छोड़ दी थी। CDR एनालिसिस की मदद से रैपिडो राइडर के बारे में पता लगा। वहीं रैपिडो राइडर के कहने पर मटियाला एक्सटेंशन में एक घर को भी पहचाना गया, जहां रैपिडो राइडर ने लापता व्यक्ति को छोड़ा दिया था। 

सीसीटीवी फुटेज में क्या सामने आया ?

पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को खंगाला तो पता लगा कि अनुरूप बिल्डिंग में चला गया, जिसके बाद वह कभी बाहर नहीं आया। वहीं अनुरूप के घुसने के बाद 4 और लोगों को भी बिल्डिंग में घुसते हुए देखे गए। इसके अलावा 19 फरवरी को अनुरूप गुप्ता की कार कुछ समय बाद बिल्डिंग के बेसमेंट में जाती हुई देखी गई। वहीं कार को फिर से बिल्डिंग से बाहर आते हुए देखा गया, उसके बाद कार वृंदावन की तरफ चली गई। पुलिस ने टेक्निकल सर्विलांस की मदद से आरोपी हैप्पी का पता लगाकर उसे पकड़ लिया। 

पुलिस पूछताछ में हैप्पी ने बताया कि उसने अपने दोस्तों भूपेंद्र, बलराम, नीरज और राखी के साथ मिलकर अनुरूप गुप्ता को किडनैप करने और उससे पैसे ऐंठने का प्लान बनाया था, जब अनुरूप ने पैसे देने से मना कर दिया तो उसे मार डाला। हैप्पी उर्फ सूरज ने यह भी बताया कि 1 साल पहले वह अनुरूप से मिला था। उस दौरान उसने देखा कि अनुरूप सोने की कई अंगूठियां और ब्रेसलेट पहनता है।

आरोपी दोस्त ने अनुरूप को पार्टी में बुलाया  

हैप्पी ने मटियाला एक्सटेंशन में अपने किराए के घर में अपनी  लिव-इन-पार्टनर राखी के साथ रहता था, जहां उसने अनुरूप को पार्टी के लिए बुलाया था। जहां उसने अपने साथी भूपेंद्र, बलराम और नीरज घर में घुस गए। सभी आरोपियों ने मिलकर अनुरूप को पीटा और उसे रस्सी से बांध दिया। अनुरूप ने आरोपियों को बताया था कि उसने अपनी अंगूठियां और ब्रेसलेट अपनी कार में छोड़ दिए हैं जो छत्तीसगढ़ सदन में पार्क थी।

प्लास्टिक बैग में डाले शव के टुकड़े

जिसके बाद आरोपियों ने वहां पर पहुंचकर कार से सोने का सामान जब्त कर लिया। जिसके बाद आरोपियों ने अनुरूप को पीटा था, जब उसने पैसे देने से मना किया तो चाकू मारकर उसकी हत्या कर दी।  जिसके बाद आरोपियों ने  अनुरूप के लाश के टुकड़े कर दिए, और 3 प्लास्टिक बैग में पैक कर दिया और यमुना नदी में फेंक दिया।  

आरोपियों ने मृतक के फोन से दी परिजन को सूचना

वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने मृतक के फोन से छत्तीसगढ़ सदन कैंटीन के स्टाफ को कैंटीन बंद करने का मैसेज भेजा। वहीं मृतक के परिजन को भी आरोपियों ने मैसेज करके बताया किवह गोवा छुट्टी पर जा रहा है, उसे फोन करके परेशान नहीं किया जाए।

इस मामले में पुलिस ने हैप्पी उर्फ ​​सूरज की निशानदेही पर भूपेंद्र को इंद्रलोक से और राखी को हांसी से गिरफ्तार किया। वहीं आरोपी बलराम को झज्जर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने लाश के टुकड़ों से भरे तीनों बैग को यमुना नदी से बरामद कर लिया। फिलहाल पुलिस इस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।