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पूर्व विधायक अलका लांबा ने 2024 के महिला आरक्षण के मामले में निषेधाज्ञा का उल्लंघन कर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था। उन्होंने अपने खिलाफ एफआईआर रद्द करने के लिए दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने कांग्रेस नेता अलका लांबा के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने की याचिका पर सुनवाई की। पूर्व विधायक अलका लांबा की इस याचिका पर माननीय उच्च न्यायालय ने दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है। यह मामला 2024 में महिला आरक्षण के समर्थन में हुए विरोध प्रदर्शन से संबंधित है। राउज एवेन्यू अदालत ने आरोप पत्र का संज्ञान लेते हुए अलका लांबा को समन जारी किया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अलका लांबा ने 2024 के महिला आरक्षण के मामले में निषेधाज्ञा का उल्लंघन कर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था। इस मामले में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने अलका लांबा के खिलाफ आरोप तय कर दिए थे। इस आदेश को राउज एवेन्यू कोर्ट के सेशंस कोर्ट में चुनौती दी गई, लेकिन राहत नहीं मिली। इसके बाद पूर्व विधायक अलका लांबा ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका लगाकर अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने का आग्रह किया है। हाईकोर्ट ने आज इस याचिका पर सुनवाई की और मामले पर दिल्ली हाईकोर्ट को नोटिस जारी कर दिया है।

अलबा लांबा को इस वजह से नहीं मिली राहत 
बता दें कि मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 19 दिसंबर 2025 को अलका लांबा के खिलाफ आरोप तय किए थे। मजिस्ट्रेट कोर्ट ने कहा था कि अलका लांबा वीडियो में स्पष्ट रूप से दिख रही हैं कि वे बलपूर्वक लोकसेवक को उनके कार्यों में बाधा डाल रही हैं। वे बैरिकेड को लांघकर प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने के लिए उकसा रही हैं। मजिस्ट्रेट कोर्ट ने अलका लांबा के खिलाफ बीएनएस की धारा 132, 221 और 223ए के तहत आरोप तय करने का आदेश दिया था। 

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अलका लांबा के खिलाफ यह है पूरा मामला
यह मामला 29 जुलाई 2024 का है। जंतर-मंतर पर महिला कांग्रेस का महिला आरक्षण को लेकर प्रदर्शन होना था। दिल्ली पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा का आदेश जारी किया था। आरोप है कि अलका लांबा ने निषेधाज्ञा का उल्लंघन किया और प्रदर्शनकारियों को भी पुलिस बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने के लिए उकसाने का काम किया। पुलिस को प्रदर्शनकारियों को काबू करने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। इसके बाद सब इंस्पेक्टर अनीता सिंह के बयान पर अलका लांबा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। अब अलका लांबा ने इसी एफआईआर को दर्ज कराने की मांग को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

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