एआई समिट में शर्टलेस प्रदर्शन के मामले में युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब को जमानत मिल गई, लेकिन उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। कारण यह है कि कोर्ट ने प्रस्तुत जमानत बांड की सत्यापन रिपोर्ट कल तक मांगी है। वहीं, कुबेर मीणा की पांच दिन और भूदेव शर्मा की दो दिन की हिरासत बढ़ा दी गई है। आज युवा कांग्रेस ने दिल्ली क्राइम ब्रांच के दफ्तर के बाहर प्रदर्शन कर जमकर नारेबाजी की।
'युवा कांग्रेस के साथियों को परेशान किया जा रहा'
मीडिया से बातचीत में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने युवा कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब के जमानत मिलने पर कहा कि काफी संघर्षों के बाद उन्हें जमानत मिली। हमारे युवा कांग्रेस के साथियों को देशभर के विभिन्न राज्यों में लगातार परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह मोदी सरकार की असलियत दिखाती है। उधर, एनएययूआई के पूर्व अध्यक्ष नीरज कुंदन ने कहा कि भाजपा युवा कांग्रेस को सिर्फ इसलिए निशाना बना रही है क्योंकि वे उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्हें झूठे मामले में फंसाया जा रहा है। उन्होंने दिल्ली पुलिस से साजिश रचने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह किया।
दिल्ली पुलिस बनाम हिमाचल पुलिस मामला
उधर, एआई शिखर सम्मेलन में युवा कांग्रेस के शर्टलेस समिट की जांच के दौरान दिल्ली पुलिस हिमाचल गई थी। यहां से युवा कांग्रेस के तीन कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया, लेकिन बीच रास्ते ही शिमला पुलिस ने तीनों को दिल्ली पुलिस की हिरासत से छुड़वा दिया था। साथ ही, तीनों को कोर्ट के समक्ष पेश किया गया था। यह मामला अभी तक विवादों में है, लेकिन इस विवाद के बीच बड़ी खबर सामने आई है।
बताया जा रहा है कि दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल में तैनात ACP राहुल विक्रम का अंडमान-निकोबार तबादला कर दिया गया है। दिल्ली पुलिस कमिश्नर की तरफ से जारी आदेशों में 11 अधिकारियों के तबादले की सूची में राहुल विक्रम का नाम शामिल है। आधिकारिक आदेशों में इस तबादले का कारण ‘प्रशासनिक’ बताया गया है, लेकिन इसे दिल्ली पुलिस बनाम हिमाचल पुलिस के बीच उपजे विवाद से भी जोड़कर देखा जा रहा है।