धमतरी जिले में मानव तस्करी और अनैतिक व्यापार को रोकने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग ने एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया।

अंगेश हिरवानी- नगरी। धमतरी जिले में मानव तस्करी और अनैतिक व्यापार को रोकने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग ने एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया। यह आयोजन आजीविका महाविद्यालय लाइवलीहुड कॉलेज धमतरी में आयोजित किया गया। कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।

पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह ने कहा कि, मानव तस्करी एवं महिलाओं/बच्चों से जुड़े अपराधों के प्रकरणों में पुलिस की भूमिका अत्यंत संवेदनशील, उत्तरदायी एवं पीड़ित-केंद्रित होनी चाहिए। उन्होंने प्रत्येक मामले में मानवीय दृष्टिकोण अपनाने, अंतर्विभागीय समन्वय बढ़ाने और साइबर अपराधों के प्रति तकनीकी दक्षता विकसित करने पर विशेष बल दिया। 

कार्यशाला के प्रमुख विषय

  • मानव तस्करी और अनैतिक व्यापार की रोकथाम, पीड़ित संरक्षण एवं पुनर्वास।
  • साइबर अपराधों की रोकथाम एवं तकनीकी जांच प्रक्रिया।
  • पॉक्सो अधिनियम, 2012 के प्रावधान एवं पीड़ित हितैषी प्रक्रिया।
  • बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के अंतर्गत कार्रवाई।
  • कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013 के प्रावधान। 

विधिक और व्यावहारिक जानकारी दी गई 
इस कार्यक्रम में डॉ. कल्पना ध्रुव डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी मोनिका मरावी, जिला लोक अभियोजन अधिकारी अजय सिंह, महिला संरक्षण अधिकारी अनामिका शर्मा, आनंद पाठक (डीसीपीयू) एवं सउनि. प्रदीप सिंग (साइबर थाना प्रभारी) द्वारा विषय विशेषज्ञ के रूप में विस्तृत विधिक एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई। कार्यशाला का उद्देश्य संबंधित विभागों और पुलिस अधिकारियों को मानव तस्करी एवं महिलाओं/बच्चों से संबंधित अपराधों के विधिक प्रावधानों की गहन जानकारी देना हैै। पीड़ित-केंद्रित दृष्टिकोण विकसित करना और समन्वित प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना रहा।

ये लोग रहे मौजूद 
इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी जगरानी एक्का, अधिकारी महेश मरकाम सहित जिले के विभिन्न थाना और शाखाओं के अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित रहे।