सरगुजा जिले के बतौली क्षेत्र के ग्राम झरंगवा में गोचर भूमि की फर्जी रजिस्ट्री को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने राजस्व विभाग पर मिलीभगत का आरोप लगाया है।

आशीष कुमार- बतौली/सरगुजा। छत्तीसगढ़ के बतौली राजस्व विभाग के ग्राम झरंगवा में गोचर भूमि की रजिस्ट्री को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। ग्रामीण जनों को शासकीय भूमि की रजिस्ट्री का पता चलते ही राजस्व विभाग पर मिलीभगत का आरोप लगाया है। 

इस मामले को लेकर गांव में भारी आक्रोश का माहौल बना हुआ है। जबकि दूसरी ओर अपनी पहुंच के दम में शासकीय भूमि का रजिस्ट्री करा भूमि स्वामी सोफिया फिरदौसी के पति इमरान खान द्वारा ग्रामीणों के विरोध करने पर चाकू व गोली से जान से मारने की धमकी लगातार दी जा रही है। जिसके आतंक से घबराए ग्रामीणों ने इमरान खान के विरुद्ध बतौली थाने में लिखित में शिकायत दी गई है। 

विरोध करने पर अतिक्रमणकर्ता मौके से फरार
आपको बता दें कि, होली से पूर्व फर्जी रजिस्ट्री करा भूमि स्वामी बना इमरान खान द्वारा झरगंवा के बभनीन घुटरी के नीचे स्थित खसरा नंबर 147/2 रकबा 0.587 हेक्टेयर भूमि पहले गोचर (चरागाह) भूमि के रूप में जानी जाती थी। जिसका घेराव करने लाखों का सामग्री उक्त भूमि में गिराया गया था। जिसका विरोध करने पर अतिक्रमणकर्ता मौके से फरार हो गया था। इसके बावजूद फर्जी रजिस्ट्री करा भूमि स्वामी बना इमरान खान द्वारा ग्रामीणों को धमकाया और जान से मारने की बात कही जा रही है। 

धमकी से गांव की शांति व्यवस्था हो रही प्रभावित
ग्रामीणों ने बताया कि, इस शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा करने से रोकने पर गांव में बैठक या सभा की गई तो चाकू मार दूंगा, गोली मार दूंगा और झूठे केस में फंसाकर जेल भिजवा दूंगा। घटना से आक्रोशित ग्रामीण बतौली थाना पहुंचे और लिखित आवेदन देकर आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि, इस प्रकार की धमकी से गांव की शांति व्यवस्था प्रभावित हो रही है और कभी भी कोई गंभीर घटना हो सकती है।

तहसीलदार ने ठीक से नहीं सुनी बात- ग्रामीण जन 
ग्रामीणों का कहना है कि, जब वे इस मामले को लेकर बतौली तहसील कार्यालय पहुंचे, तो उनकी बात तहसीलदार द्वारा ठीक से नहीं सुनी गई। ग्रामीणों के मुताबिक उन्हें कहा गया कि जो रिकॉर्ड में दर्ज हो गया है उसमें अब कुछ नहीं किया जा सकता।

जमीन की रजिस्ट्री हो जाने पर उठ रहे सवाल
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि, पहले जब उन्होंने इस भूमि के बारे में जानकारी ली थी, तब राजस्व विभाग द्वारा कहा गया था कि इस जमीन की रजिस्ट्री नहीं हो सकती, लेकिन अब उसी जमीन की रजिस्ट्री हो जाना कई सवाल खड़े कर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि, कथित भू-स्वामी द्वारा कई लोगों से पैसे लेकर ठगी भी की गई है और राजस्व विभाग की मिलीभगत से रजिस्ट्री कर दी गई। वहीं इस संबंध में बतौली तहसीलदार ने बताया कि संबंधित भूमि पूर्व में गोचर भूमि के रूप में दर्ज थी, लेकिन वर्तमान में अधिकार अभिलेख में भू-स्वामी का नाम दर्ज हो चुका है, इसलिए नियमानुसार उसकी खरीदी-बिक्री संभव है। 

ग्राम झरंगवा में तनाव और भारी आक्रोश
तहसीलदार यह भी कहा कि, यदि किसी को अतिक्रमण या भूमि विवाद की शिकायत है, तो संबंधित पक्ष राजस्व विभाग में सीमांकन के लिए आवेदन दे सकता है, जिसके बाद नियमानुसार जांच कर कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, इस पूरे मामले को लेकर ग्राम झरंगवा में तनाव और भारी आक्रोश का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।