स्कूल में झगड़ा, धमकी, गैंग-कल्चर व बदमाशी करने वाले छात्रों के प्रति अबर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। संदिग्ध व्यवहार वाले छात्रों की काउंसलिंग होगी। 

रायपुर। स्कूल में झगड़ा, धमकी, गैंग-कल्चर व बदमाशी करने वाले छात्रों के प्रति अबर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी। संदिग्ध व्यवहार वाले छात्रों की काउंसलिंग होगी। उनके अभिभावकों से नियमित संवाद किया जाएगा। इसके अलावा गंभीर मामलों में पुलिस को सूचना देने के निर्देश भी दिए गए हैं। यह निर्देश मंगलवार को हुई प्राचार्यों की बैठक में दिए गए। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए डीसीपी सेंट्रल जोन उमेश गुप्ता ने शाला प्राचार्यों की बैठक ली। जोन के लगभग 60 स्कूलों के प्राचार्य इसमें शामिल हुए। बैठक के दौरान डीसीपी ने स्कूल परिसरों में बढ़ती चुनौतियों, छात्रों की सुरक्षा, अनुशासन तथा कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। वर्तमान में हुई घटनाओं को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।

स्कूल परिसर में धारदार अथवा आपत्तिजनक वस्तुओं पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने कहा गया है। किसी छात्र के पास ऐसी वस्तु मिलने पर तत्काल अभिभावक को सूचना दी जाएगी। इन छात्रों की विशेष रुप से काउंसिलिंग होगी। आवश्यकता पड़ने पर पुलिस को सूचित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा स्कूल में मोबाइल फोन पर प्रतिबंध लगाने कहा गया है। छात्रों को मोबाइल के दुरुपयोग से होने वाली साइबर बुलिंग, अश्लील कंटेंट, ऑनलाइन गेमिंग-सट्टा, सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट जैसे अपराधों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं।

आने-जाने वालों का रखना होगा हिसाब
सीसीटीवी एवं सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने पर जोर दिया गया है। इसके अंतर्गत स्कूल परिसर में कार्यशील सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य होंगे। प्रवेश-निकास द्वार पर गार्ड अथवा अटेंडेंट की तैनाती करनी होगी। बाहरी व्यक्तियों का रजिस्टर अनिवार्य रूप से संधारित किया जाएगा। आपात स्थिति में त्वरित संपर्क व्यवस्था रखने कहा गया है। सभी स्कूल प्रबंधन से कहा गया है कि वे नजदीकी थाना एवं बीट अधिकारी का मोबाइल नंबर अपने पास रखें। इसके अलावा महिला एवं पुरुष वॉशरूम का स्पष्ट उल्लेख सुनिश्चित करने कहा गया है ताकि महिलाओं के वॉशरूम में पुरुषों का प्रवेश न हो।