यूपी-बिहार और आंध्र जैसे राज्यों से आने वाले यह अभ्यर्थी छत्तीसगढ़ का फर्जी निवास प्रमाण पत्र बनवाकर छग कोटे की केंद्र की नौकरी हासिल कर रहे हैं। 

सत्यम शर्मा- राजनांदगांव। बेरोजगारी की बढ़ती संख्या के बीच जहां प्रदेश के युवाओं को रोजगार के सीमित अवसर प्रदान हो रहे हैं। वहीं इन अवसरों पर भी दूसरे प्रदेशों से आकर लोग उनका स्थान छीनने का काम कर रहे हैं। प्रदेश के हजारों बेरोजगारों के साथ दूसरे प्रदेश से आकर अभ्यर्थी ठगी कर रहे हैं। यूपी-बिहार और आंध्र जैसे राज्यों से आने वाले यह अभ्यर्थी छत्तीसगढ़ का फर्जी निवास प्रमाण पत्र बनवाकर छग कोटे की केंद्र की नौकरी हासिल कर रहे हैं। हालांकि इस मामले की अब शिकायत भी शुरू हो गई है। राजनांदगांव जिले में एसएससी-जीडी की परीक्षा देने वाले अभ्यर्थियों ने इस मामले की शिकायत दर्ज कराई है। 

अभ्यर्थियों से मिली जानकारी के अनुसार,  पिछले साल नवंबर और दिसंबर महीने में एसएससी-जीडी के तहत बीएसएफ, असम राईफल्स, सीआईएसएफ, सीआरपीएफ जैसे विभिन्न पदों के लिए भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी। इस परीक्षा के तहत राज्यवार सीट आवंटन के साथ ही परीक्षा पश्चात राज्यवार कट ऑफ जारी किया जाता है। देश के कई राज्यों के मुकाबले छत्तीसगढ़ राज्य का कटऑफ कम ही देखने को मिलता रहा है। इसी का इसी का फायदा उठाने की नियत से देश के कई राज्यों से एसएससी-जीडी के अभ्यर्थी छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों से अपना फर्जी निवास प्रमाण पत्र बनाकर यहां के कोटे से नौकरी हासिल कर रहे हैं। जबकि मूल रूप से वे यहां के निवासी है ही नहीं। ऐसे में उनके फर्जीवाड़ा के चलते प्रदेश के सैकड़ों-हजारों युवाओं को नौकरी नहीं मिल पा रही है।

ऐसे बनवा रहे फर्जी निवास प्रमाण-पत्र
एसएससी-जीडी के एक अभ्यर्थी ने बताया कि दूसरे प्रदेशों से आकर युवा स्थानीय निवास प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आधार कार्ड का सहारा ले रहे हैं। उसने बताया कि यूपी, बिहार और आंध्रा जैसे राज्य से आने वाले यह अभ्यर्थी पहले स्थानीय जनप्रतिनिधि जिसमें पार्षद या सरपंच की मदद से आधार कार्ड में पता संशोधित करवा रहे हैं, फिर उसके जरिये अपना वोटर आईडी बनवाकर फर्जी निवास प्रमाण पत्र बनवा रहे हैं। ऐसे ही फर्जी निवास प्रमाण-पत्र के जरिये नौकरी हासिल की जा रही है।

घर का पता नहीं, सीधे पहुंच रहे डाकघर
बताया गया कि फर्जी तरीके से निवास प्रमाण-पत्र बनवाकर नौकरी हासिल करने वाले अभ्यर्थियों का जब डाकघर के जरिये ज्वाइनिंग लेटर आ रहा है तो वह उसे लेने सीधे डाकघर पहुंच रहे हैं। बताया गया कि कुछ मामलों में डाक में दिया गया पता भी फर्जी पाया गया था। ऐसे में उन लेटर्स को वापस प्रेषक को भेज दिया गया।

प्रदेश के लिए दो हजार से सीटें
परीक्षा के तहत नक्सल प्रभावित और बॉर्डर इलाकों के लिए अलग से सीटें जारी की जाती है। छत्तीसगढ़ के लिए नक्सल प्रभावित इलाके में 1124 पुरुष एवं 124 महिलाएं पोस्ट थी। ऐसे ही सामान्य में प्रदेश के लिए 54 महिला एवं 490 पोस्ट पुरुष के लिए थी। इनमें बीएसएफ, सीआईएसएफ, सीआईआरएफ, एसएसबी, आईटीबीपी, एआर, एसएसएफ एवं एनसीटी की पोस्ट शामिल है।

सामने आ रहे कई मामले
एसएससी-जीडी के अभ्यर्थियों ने राजनांदगांव जिले में प्रशासन को एक ज्ञापन भी सौंपा था। प्रशासनिक अफसरों ने उन्हें चयन सूची के साथ दस्तावेज के साथ शिकायत करने कहा है। अभ्यर्थियों ने बताया कि राजनांदगांव में ही ऐसे करीबन आधा दर्जन से अधिक लोगों की पहचान की गई है। वहीं कुछ लोगों का पता नहीं मिलने के बाद डाकघर ने उनके ज्वाईनिंग लेटर को भी वापस किया है।

मांगे हैं दस्तावेज
अपर कलेक्टर प्रेमप्रकाश शर्मा ने बताया कि, संबंधित व्यक्ति के चयन एवं चयन के लिए प्रस्तुत दस्तावेजों के जांच के लिए नियोक्ता या शिकायतकर्ता द्वारा दस्तावेज सहित शिकायत मिलने पर जांच की जाएगी।