रायपुर। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच चल रहे युद्ध के कारण पेट्रोल संकट की संभावना बहुत बढ़ गई है। कच्चे तेल के दाम तो आसमान पर चले गए हैं, फिलहाल अपने देश में केंद्र सरकार ने उत्पाद शुल्क कम करके राहत देने का काम किया, लेकिन युद्ध अगर लंबा चला, तो इसमें संदेह नहीं है कि पेट्रोल के दाम भी बढ़ेंगे और संकट भी संभव है। ऐसे में देश के साथ अपने राज्य में भी ई-वाहनों की बिक्री में इजाफा हो गया है।
इसकी जानकारी लेने वालों की संख्या भी 50 फीसदी बढ़ी है। आने वाले समय में इसकी बिक्री की रफ्तार और तेज होने की संभावना है। वैसे बीते कुछ सालों से अपने राज्य में ई-वाहनों की बिक्री में वैसे भी लगातार इजाफा हो रहा है। पेट्रोल की बढ़ती कीमत के कारण ही लोगों का रुझान कुछ सालों से ई-वाहनों की तरफ गया है। ई-वाहनों की बिक्री में लगातार इजाफा भी हो रहा है।
सबसे ज्यादा दोपहिया वाहन और ई-रिक्शा की बिक्री
अब छत्तीसगढ़ में सालभर में 50 हजार से ज्यादा वाहन बिक रहे हैं। इसमें सबसे ज्यादा दोपहिया वाहन और ई-रिक्शा हैं। कारों की बिक्री अब भी कम है। पांच साल पहले प्रदेश में महज साढ़े छह हजार वाहन बिके थे, लेकिन अब रफ्तार तेज हो गई है। प्रदेश में इस समय दो लाख से ज्यादा ई-वाहन हो गए हैं।
ई-वाहनों पर सब्सिडी
प्रदेश सरकार भी ई-वाहनों की खरीदी पर सब्सिडी दे रही है। पहले 10 प्रतिशत 'तक सब्सिडी या डेढ़ लाख (जो भी कम हो) की मिलती थी। लेकिन मई 2025 के संशोधन के बाद, यह अधिकतम सब्सिडी एक लाख हो गई है। साथ ही 20 लाख से ऊपर के ई-वाहनों पर सब्सिडी भी खत्म कर हो गई है। रजिस्ट्रेशन शुल्क में भी 2026-27 तक छूट का प्रावधान है।
बिक्री में बड़ा बूम
प्रदेश में बीते पांच सालों में ई-वाहनों की ब्रिकी में बड़ा बूम आया है। पांच साल पहले की बात करें तो प्रदेश में 2021-22 में महज साढ़े छह हजार वाहन बिके थे। लेकिन 2022-23 में इसमें करीब पांच गुना इजाफा हुआ और करीब तीस हजार वाहन बिके। इसके बाद 23-24 में यह आंकड़ा 35 हजार के पार हुआ और फिर 24-25 में 40 हजार के करीब वाहन बिके। चल रहे सत्र में मार्च समाप्त होने ही वाला है।
हर माह एक से डेढ़ हजार ई-रिक्शा भी बिक रहे
इस सत्र में 50 हजार से ज्यादा वाहन बिकने का अनुमान है। ऑटोमोबाइल कारोबारियों के मुताबिक, प्रदेश में हर माह ढाई से तीन हजार दोपहिया वाहन बिक रहे हैं। इसी के साथ हर माह एक से डेढ़ हजार ई-रिक्शा भी बिक रहे हैं। जहां तक कारों का सवाल है तो इसका आंकड़ा कम है। कारें हर तीन से साढ़े तीन सौ के आस-पास ही बिक रही हैं।
आगे और बढ़ेगी बिक्री
फाडा चेयरमैन मनीष राज सिंघानिया ने बताया कि, पेट्रोल संकट की संभावना को देखते हुए ई-वाहनों की तरफ लोगों का रूझान बढ़ गया है। पूरे देश के साथ प्रदेश में भी ई-वाहनों की जानकारी लेने वालों में तो इजाफा हुआ ही है साथ ई-वाहन पहले से ज्यादा बिक रहे हैं। आने वाले समय में इसकी बिक्री में और इजाफा होगा।









