अनिल उपाध्याय- सीतापुर। छत्तीसगढ़ के सीतापुर के विकास कार्यों की आड़ में घटिया निर्माण को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहने वाला ग्राम पंचायत गेरसा में धांधली का एक नया कारनामा सामने आया है। सरपंच सचिव ने विशेष पिछड़ी जनजाति के विकास के नाम पर पुलिया निर्माण की आड़ में शासन से मिले लाखों रुपए का गबन कर लिया है।
इसके लिए सरपंच सचिव ने संबंधित अधिकारियों से सांठगांठ करते हुए पुलिया निर्माण कार्य की राशि फर्जी तरीके से आहरण कर लिया। विकास कार्य की आड़ में सरपंच सचिव द्वारा किए गए घोटाले की वजह से सालों बाद भी पुलिया अधूरी पड़ी हुई है। इतना कुछ होने के बाद भी सरपंच सचिव के विरुद्ध कोई कार्यवाही नहीं करना अधिकारियों की भूमिका पर सवाल खड़े करती है। इस संबंध में ग्रामीणों ने पुलिया निर्माण कार्य की जांच एवं जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्यवाही की मांग की है।
सीतापुर के विकास कार्यों की आड़ में घटिया निर्माण को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहने वाला ग्राम पंचायत गेरसा में धांधली का एक नया कारनामा सामने आया है। pic.twitter.com/lTY77u6eXT
— Haribhoomi (@Haribhoomi95271) March 29, 2026
18 लाख की लागत से कराया जा रहा पुलिया का निर्माण
उक्त मामला निर्माण कार्य में धांधली एवं घोटाले को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहने वाले ग्राम पंचायत गेरसा का है। जहाँ घने जंगलों के बीच से होकर बहने वाले हाथीढोंढा नाले में लगभग 18 लाख की लागत से पुलिया का निर्माण कराया जा रहा है। मनरेगा योजना के तहत पहाड़ी कोरवा मद से स्वीकृत इस पुलिया का निर्माण सन 2024-25 में सरपंच सचिव द्वारा शुरू कराया गया था। इस काम की शुरुआत के लिए सरपंच सचिव को लगभग 40 प्रतिशत राशि संबंधित विभाग द्वारा जारी की गई थी। जिसकी बदौलत सरपंच सचिव ने नाले के ऊपर पुलिया का आधा अधूरा ढांचा खड़ा कर दिया। ढांचा खड़ा करने में भी सरपंच सचिव ने पहले अपना ख्याल रखा उसके बाद पुलिया निर्माण को महत्व दिया। अपनी जेब भरने के चक्कर मे उन्होंने पुलिया का लेबल सड़क के बराबर करने के बजाए उसे काफी नीचे रखा ताकि लाखों रुपए की बचत हो सके।
अधिकारियों ने बिना निरीक्षण के पास कर दिया बिल
प्रथम किश्त की राशि से नाले में पुलिया का ढांचा खड़ा करने के बाद सरपंच- सचिव ने संबंधित अधिकारियों के सहयोग से दूसरी किश्त भी जारी करवा ली। दूसरी किश्त जारी होते ही सरपंच- सचिव ने पूरी राशि आहरित करने के बाद पुलिया निर्माण कराने के बजाये उसका बंदरबांट कर लिया। जिसकी वजह से हाथीढोढ़ी नाले पर सालों पूर्व प्रथम किश्त की राशि से खड़ा किया गया पुलिया का ढांचा सालों बाद भी जैसा का तैसा है। आज तक सरपंच- सचिव ने उसमें एक ईंट तक नही जोड़ा और न ही जिम्मेदार अधिकारियों ने कभी पुलिया निर्माण कार्य की सुध ली। ग्राम पंचायत गेरसा में निर्माण कार्य की आड़ में धांधली का ये कोई पहला मामला नही है। इससे पहले भी ऐसे कई मामले यहाँ सामने आ चुके हैं, जिसमें सरपंच- सचिव ने जमकर धांधली की है।
ग्रामीणों की शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत में ऐसे अनगिनत मामले हैं, जिसमें सरपंच सचिव ने धांधली करते हुए शासन को लाखों का चूना लगाया है। ग्राम पंचायत में हुए घोटाले को लेकर उच्चाधिकारियों के समक्ष कई बार शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन अधिकारियों ने कोई महत्व नहीं दिया। घोटाले की जांच करने जो भी अधिकारी यहाँ आते है मामले में लीपापोती करके चले जाते है। ग्रामीणों ने पहाड़ी कोरवा मद से होने वाले पुलिया निर्माण की आड़ में हुए घोटाले की जांच एवं कार्यवाही की मांग की है। अगर ग्राम पंचायत में हुए घोटालों की निष्पक्ष जांच हो जाये तो कई ऐसे मामले सामने आयेंगे। जिसकी आड़ में सरपंच- सचिव ने घोटाला करते हुए शासन को करोड़ो के घोटाले को करोड़ो का चूना लगाया है।









