लीलाधर राठी- सुकमा। छत्तीसगढ़ के सुकमा वन मंडल द्वारा अवैध वृक्ष कटाई एवं लकड़ी के अवैध परिवहन के विरुद्ध लगातार सघन अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में विगत सप्ताह गोलापल्ली वन परिक्षेत्र अंतर्गत दो अलग-अलग प्रकरणों में महत्वपूर्ण एवं प्रभावी कार्रवाई की गई, जिससे अंतर्राज्यीय स्तर पर संचालित सागौन तस्करी नेटवर्क पर भी प्रहार हुआ है।
गोलापल्ली परिक्षेत्र के ग्राम पोलमपल्ली में की गई कार्रवाई के दौरान लगभग 4 घन मीटर अवैध सागौन लकड़ी जप्त की गई। मौके पर एक जनरेटर संचालित आरा मशीन भी बरामद हुई, जिसका उपयोग अवैध रूप से लकड़ी चिरान के लिए किया जा रहा था। प्रारंभिक जांच में यह तथ्य सामने आया कि उक्त लकड़ी को पड़ोसी राज्यों आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना में अवैध रूप से परिवहन कर तस्करी की जा रही थी। इस कार्रवाई से अंतर्राज्यीय सागौन तस्करी नेटवर्क को गंभीर क्षति पहुंची है।
दो तस्करों को किया गया गिरफ्तार
इसी क्रम में ग्राम रायगुड़ा में एक अन्य प्रकरण में वन विभाग की टीम ने अवैध लकड़ी परिवहन करते हुए दो आरोपियों मिडियम नितीन पिता मिडियम नागेश एवं कुंजाम राजू पिता चंद्रा, दोनों निवासी रायगुड़ा को पकड़ने में सफलता प्राप्त की। आरोपियों के कब्जे से 21 नग सागवान लठ्ठा, जिनका कुल आयतन लगभग 1.8852 घन मीटर है, जप्त किया गया। साथ ही एक गैर-पंजीकृत ट्रैक्टर मेसी फर्ग्यूसन भी जब्त किया गया, जिसका उपयोग अवैध परिवहन में किया जा रहा था। दोनों आरोपियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है। यह संपूर्ण कार्रवाई वन विभाग के एसडीओ कोंटा अशोक सोनवानी, गोलापल्ली रेंजर प्रसाद राव एवं वन अमले द्वारा संयुक्त रूप से की गई।
अवैध लकड़ी के खिलाफ की गई कार्रवाई
इसके अतिरिक्त, पूर्व में सुकमा वन परिक्षेत्र अंतर्गत भी अवैध लकड़ी के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की गई है। बीट पाकेला में दो भिन्न स्थानों से सागौन चिरान (चौखट) जप्त किए गए, जिनमें 12 नग (0.331 घन मीटर) एवं 18 नग (0.471 घन मीटर) शामिल हैं, इस प्रकार कुल 30 नग (0.802 घन मीटर) लकड़ी जब्त की गई। वहीं बीट गीदम में बीजा प्रजाति के 77 नग चिरान, कुल 1.885 घन मीटर, जप्त किए गए।
वन विभाग से लोगों से सूचना देने की अपील
उपरोक्त सभी प्रकरणों में जप्त लकड़ी की कुल अनुमानित बाजार कीमत लगभग 7 से 8 लाख रुपये आंकी गई है। इन कार्रवाइयों में स्थानीय पुलिस का सराहनीय सहयोग प्राप्त हुआ, जिसके कारण अभियान को प्रभावी ढंग से सफल बनाया जा सका। वन विभाग द्वारा अवैध कटाई एवं तस्करी में संलिप्त तत्वों के विरुद्ध आगे भी इसी प्रकार सख्त एवं निरंतर कार्रवाई जारी रखी जाएगी। साथ ही आमजन से अपील की जाती है कि वे वन एवं पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय सहयोग प्रदान करें तथा किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल वन विभाग अथवा पुलिस को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।