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प्रदेश के निजी स्कूलों में पांचवी-आठवीं की परीक्षाएं स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा ही आयोजित की जाएंगी। बिलासपुर हाईकोर्ट ने निजी स्कूल संघ द्वारा लगाई गई याचिका खारिज कर दी

रायपुर। प्रदेश के निजी स्कूलों में पांचवी-आठवीं की परीक्षाएं स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा ही आयोजित की जाएंगी। बिलासपुर हाईकोर्ट ने निजी स्कूल संघ द्वारा लगाई गई याचिका खारिज कर दी है। गौरतलब है कि प्रदेश में पिछले शैक्षणिक सत्र से 5वीं तथा 8वीं कक्षा की परीक्षाएं केंद्रीकृत कर दी गई हैं। अर्थात ये परीक्षाएं बोर्ड होंगी और राज्य स्तर पर स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित की जाएंगी। इसके विरोध में निजी स्कूल संघ ने कोर्ट में याचिका दायर की थी। संघ ने निजी स्कूलों को इस परीक्षा से अलग रखने और उन्हें परीक्षा लेने की छूट देने याचिका लगाई थी। केंद्र सरकार ने 16 दिसंबर 2024 को आरटीई कानून में संशोधन कर दिया था। 

संशोधन के अनुसार, कक्षा पांचवी और आठवीं में वार्षिक परीक्षा आयोजित की जा सकती है। सुनवाई के बाद न्यायाधीश नरेश चंद्रवंशी ने निजी स्कूल संगठन की याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने माना कि संशोधित कानून के बाद बोर्ड परीक्षा कराना पूरी तरह वैध है। प्रदेश में 6,800 निजी स्कूल हैं। इनमें से 600 विद्यालय सीबीएसई संबद्ध हैं। शेष 6,200 विद्यालय छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल संबद्ध हैं। छग बोर्ड से संबंधित निजी स्कूलों में ही पांचवी-आठवीं की परीक्षाएं स्कूल शिक्षा विभाग ले सकेगा। सीबीएसई स्कूल अपने छात्रों की परीक्षाएं पूर्ववत स्वयं ही लेंगे।]

इसलिए मिली थी छूट
पिछले सत्र में बोर्ड परीक्षा संबंधित आदेश सत्र के लगभग अंत में जारी किया गया था। निजी स्कूलों का तर्क था कि उन्हें 5वीं-8वीं की केंद्रीकृत परीक्षा की पूर्व से जानकारी नहीं दी गई थी। इसी आधार पर निजी स्कूलों को हाईकोर्ट से राहत मिल गई थी। सत्र 2024-25 में हुए विवाद को देखते हुए सत्र 2025-26 की शुरुआत में ही स्कूल शिक्षा विभाग ने प्राइवेट स्कूलों के लिए आदेश जारी कर दिया था कि उनके लिए पांचवी-आठवीं की बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होना अनिवार्य होगा। इस कारण निजी स्कूलों को इस बार राहत नहीं मिल सकी। अब शासकीय और निजी दोनों ही विद्यालयों को एक समान प्रश्नपत्र बांटे जाएंगे और उनका एक समान मूल्यांकन हो सकेगा।

विकल्प तलाश रहे
निजी स्कूल संघ के अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने बताया कि, हम न्यायालय के आदेश का कानूनी विकल्प तलाश रहे हैं। प्रदेश के 6200 निजी स्कूलों पर इस आदेश का असर पड़ेगा। 
 

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