रायपुर। प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेसी नेता टी एस सिंहदेव ने कहा है कि वह अगला चुनाव लड़ने के बारे में अभी फैसला नहीं कर सके हैं। उन्होंने इसे राजनीतिक से ज्यादा उम्र का तकाजा भी बताया। उन्होंने यह भी कहा कि 3 साल बाद की परिस्थितियों बदली तो चुनाव लड़ भी सकते हैं। हरिभूमि आईएनएच के सार्थक संवाद कार्यक्रम में प्रधान संपादक डॉ हिमांशु द्विवेदी से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि 3 साल बाद जब छत्तीसगढ़ में विधानसभा के चुनाव होंगे तो कांग्रेस जीतने की स्थिति में होगी और भाजपा को इस बार अधिक संघर्ष करना होगा। कांग्रेस अपने संगठन को मजबूत करने के साथ ही कार्यकर्ताओं को बूस्ट अप कर रही है। श्री सिंहदेव ने खुले मन से यह स्वीकार किया कि वर्तमान भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अधिक मिलनसार और सरल हैं, साथ ही अपने स्तर पर बेहतर काम कर रहे हैं।
डॉ. द्विवेदीः चुनाव हारने के बाद पिछले 2 साल में लोग आपको किस रूप में देख रहे हैं और आपका अनुभव कैसा रहा है?
टी एस सिंहदेव : लोग पहले भी टी एस बाबा के रूप में देखते थे आज भी उसी रूप में स्वीकार करते हैं और देखते हैं। सम्मान में कहीं कमी नहीं आई है चाहे वह कांग्रेसी कार्यकर्ता हो या फिर विपक्षी दल भाजपा के जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता।
डॉ. द्विवेदीः सरगुजा की पहचान आपसे रही है फिर 2023 के चुनाव में हार के क्या कारण रहे?
टीएस सिंहदेव : राज्य बनने के बाद से जनता ने भरपूर साथ और सहयोग दिया है। पहले चुनाव मुश्किल से 2000 वोट से जीता था उसके बाद जीत 20 हजार वोटों से मिली। उसके बाद जनता का साथ और समर्थन इससे बढ़कर और मिला और जीत 40 हजार वोटों से मिली। 2018 के चुनाव में जीत के बाद 5 साल बेहतर काम करने की पूरी कोशिश की गई लेकिन शायद कोई कमी रह गई इसलिए हार का सामना करना पड़ा। भाजपा के उम्मीदवार राजेश अग्रवाल और उनकी टीम ने बहुत मेहनत की और शायद कांग्रेसी कार्यकर्ता ओवर कॉन्फिडेंस में रह गए कि बाबा की जीत तो पहले से ही तय है।
डॉ. द्विवेदीः 5 साल कांग्रेस सरकार के और 2 साल भाजपा सरकार के, कौन सी अपनी लगती है?
टीएस सिंहदेव : सम्मान, प्यार और अपनापन दोनों ही सरकार से मिला है। यही मेरी पूंजी भी है। हारने के बाद भी भाजपा के कार्यकर्ताओं, नेताओं और संगठन ने यह महसूस नहीं होने दिया और ना ही कोई विपरीत टिप्पणी की गई। सरकार में रहते 5 सालों में करीब 2800 करोड़ का काम सरगुजा में करवाया गया। सत्ता पक्ष में रहने का यह फायदा जरूर मिलता है। अब विपक्ष में होने के कारण किसी भी काम के लिए भाजपा नेताओं को फोन लगाना पड़ता है। हालांकि कभी उस तरफ से भी मना नहीं किया गया।
डॉ. द्विवेदीः सरगुजा संभाग में कांग्रेस को 14 सीट मिली थी 2018 के चुनाव में, 2023 में यह शून्य कैसे हो गया?
टीएस सिंहदेवः 2018 में कांग्रेस का 14 सीट जीतना और फिर 2023 में भाजपा का सभी 14 सीट जीतना दोनों ही अप्रत्याशित थे। ऐसा होना भी नहीं चाहिए। राज्य बनने के बाद से इन चुनाव का विश्लेषण किया जाए तो यह साफ दिखता है कि मैदानी इलाकों में भाजपा और कांग्रेस लगभग बराबर रहे हैं। आदिवासी इलाकों का वोट बैंक ही रिजल्ट को प्रभावित करता रहा है। 2023 के चुनाव में आदिवासी बेल्ट के लोगों को यह लगा कि कांग्रेस ने काम नहीं किया इसलिए परिणाम विपरीत आ गए।
डॉ. द्विवेदीः 3 साल बाद कांग्रेस की क्या स्थिति देखते हैं, क्या सरकार बनेगी?
टीएस सिंहदेव: 3 साल बाद प्रदेश में संघर्ष की स्थिति रहेगी और कांग्रेस की जीत के अवसर अधिक होंगे। भाजपा के खिलाफ एंटी इंकमबेंसी का भी मामला रहेगा। उन्हें कुछ नई योजनाओं के साथ नई घोषणाएं भी करनी पड़ेगी। फिलहाल कांग्रेस संगठन को मजबूत किया जा रहा है और पूरी उम्मीद है कि सरकार कांग्रेस की बनेगी।
डॉ. द्विवेदीः मुख्यमंत्री के तौर पर भूपेश बघेल को बेहतर मानते हैं या विष्णु देव साय को?
टीएस सिंहदेव: दोनों के काम करने का तरीका अलग है। भूपेश जहां आक्रमक हैं तो विष्णु देव शांत और सरल हैं। वर्तमान मुख्यमंत्री श्री साय अधिक मिलनसार महसूस होते हैं।
डॉ. द्विवेदीः क्या टी एस बाबा 2027 का विधानसभा चुनाव लड़ेंगे ?
टीएस सिंहदेव : सच कहूं तो मैं 2023 का चुनाव भी नहीं लड़ना चाहता था। कुछ करीबी लोगों ने सलाह दी तो उम्मीदवारी घोषित की। और यह भी तय है कि अगला चुनाव लड़ने के बारे में बहुत सोचूंगा।
डॉ. द्विवेदीः भूपेश बघेल ने दावा किया है कि भाजपा ने उन्हें ऑफर दिया था पार्टी ज्वाइन करने के लिए, क्या टी एस बाबा के पास भी ऐसा प्रस्ताव आया था?
टीएस सिंहदेवः ऐसे किसी भी प्रस्ताव या विचार के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है। मैं बीजेपी कभी ज्वाइन नहीं करूंगा। कुछ वैचारिक मतभेद हैं और मैं कभी लक्ष्मण रेखा क्रॉस नहीं करूंगा।
डॉ. द्विवेदीः वर्तमान विष्णु देव साय सरकार कैसा काम कर रही है?
टीएस सिंहदेव: सभी सरकारों के काम करने के तरीके अलग होते हैं। उनकी नीतियां अलग होती हैं, रणनीतियां अलग होती हैं। सबसे प्रमुख होता है प्रदेश की जनता के लिए काम करना और हर क्षेत्र में सुधार की गुंजाइश हमेशा होती है।
डॉ. द्विवेदीः फिलहाल कांग्रेस की स्थिति प्रदेश में कैसी है, संगठन और पार्टी स्तर पर क्या काम हो रहा है?
टीएस सिंहदेव: संगठन स्तर पर बेहतर काम हो रहा है। बतौर नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत मुद्दों को विधानसभा में उठा रहे हैं तो पार्टी अध्यक्ष के तौर पर दीपक बैज कार्यकर्ताओं को जोड़ने और एकजुट करने में लगे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पंजाब की जिम्मेदारी मिली है। वह पंजाब के साथ थी छत्तीसगढ़ को भी संभाल रहे हैं। मेरी जिम्मेदारी यह है कि सरगुजा क्षेत्र में कांग्रेस को एक बार फिर से जीतने की स्थिति में खड़ा किया जाए और उसके लिए पूरी कोशिश जारी है।
डॉ. द्विवेदीः क्या कांग्रेस में गुटबाजी अभी भी है और उसे खत्म होना चाहिए ?
टीएस सिंहदेव: गुटबाजी तो हर स्तर पर खत्म होनी चाहिए और सभी एकजुट होंगे तभी कांग्रेस की सरकार 2027 में बना पाएंगे। अभी देखना होगा कि लगभग 35 प्रतिशत वोट दोनों पार्टियों को मिलते हैं। 11 प्रतिशत का मार्जिन हर बार होता है। इसमें से जो 5:50 परसेंट से अधिक का लाएगा उसी की सरकार बनेगी।
डॉ. द्विवेदीः अगला चुनाव लड़े तो विधायक के तौर पर या मुख्यमंत्री के तौर, क्या राज्य सभा जाएंगे ?
टीएस सिंहदेव: भेजेंगे तो राज्यसभा चले जाएंगे और जहां तक चुनाव लड़ने की बात है तो अब मुख्यमंत्री की बात नहीं करना ही बेहतर होगा। पहले लगता था कि बतौर मुख्यमंत्री कुछ काम किया जा सकता है लेकिन अब स्थितियां बदल गई हैं।