रायपुर। दुबई तथा रायपुर से संचालित ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा का राजधानी पुलिस ने एक बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए रायपुर तथा गोवा से सात सटोरियों को गिरफ्तार किया है। राजेंद्र नगर थाना पुलिस ने पिछले दिनों अमलीडीह इलाके से जिन दो सटोरियों की गिरफ्तार किया था, उनकी निशानदेही पर पुलिस ने गोवा में दबिश देकर पांच और सटोरियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सटोरियों के कब्जे से 431 म्यूल अकाउंट जब्त किया है। पुलिस ने जिन सटोरियों को गिरफ्तार किया है, उन लोगों ने सट्टे की रकम एक जगह से दूसरी जगह ट्रांसफर करने आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए खुद का बैंक बनाया था। पुलिस के दावों के मुताबिक खुद का बैंक बनाकर सट्टा संचालित करने का देश में यह संभवतः पहला मामला है।
क्राइम डीसीपी स्मृतिक राजनाला ने सट्टा रैकेट का खुलासा करते हुए जानकारी दी है कि गिरफ्तार सटोरिए तीन अलग-अलग बैटिंग साइड से सट्टा संचालित कर रहे थे। इसके अलावा जिन बैटिंग साइट से सटोरिए सट्टा संचालित कर रहे थे, उसकी मास्टर आईडी बनाकर लोगों से कमीशन बेस पर सट्टा संचालित कर रहे थे। सट्टा संचालित करने का मास्टर माइंड प्रतीक पिछले दो वर्षों से सट्टा संचालित कर रहा है।
रकम ट्रांसफर करने खुद का बनाया था पेमेंट गेटवे
पुलिस के अनुसार, सट्टा संचालित करने वाले प्रमुख लोगों ने पुलिस से बचने एक दूसरे के पास रकम ट्रांसफर करने खुद का पेमेंट गेटवे बनाया था। इसमें इनका अलग यूपीआई सिस्टम होने के साथ क्यूआर कोड रहता था। पेमेंट हासिल करने अपने संबंधितों से क्यूआर कोड में पैसे जमा करवाते थे। सामान्य सट्टा खेलने वालों से रकम हासिल करने म्यूल अकाउंट का इस्तेमाल करते थे। म्यूल अकाउंट में जमा रकम को अपने पेमेंट गेटवे के माध्यम से एक जगह से दूसरी जगह ट्रांसफर करते थे। सटोरिए पेमेंट गेटवे के माध्यम से दुबई तक रकम ट्रांसफर करते थे।
महादेव एप से लिंक होने की आशंका
पुलिस ने जिस सट्टा नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है, उस नेटवर्क का काम करने का तरीका पूरी तरह से महादेव सट्टा एप की तरह है। एक सवाल के जवाब में क्राइम डीसीपी ने सट्टा नेटवर्क का महादेव सट्टा एप संचालित करने वालों से लिंक होने की आशंका व्यक्त की है। गिरफ्तार आरोपियों की महादेव सट्टा एप के साथ लिंक होने की भी जांच पुलिास कर रही है।
जांच में ईडी शामिल हो सकती है
पुलिस के अनुसार सट्टा नेटवर्क संचालित करने वाले सटोरियों के द्वारा मनी लांड्रिंग करने की बात सामने आई है। पुलिस पहले अपने स्तर पर जांच कर मनी लांड्रिंग होने की जानकारी जुटाएगी, इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय को मामले की जांच करने पत्र लिखेगी।
हर पांच महीने में बदल देते थे जगह
रायपुर में गिरफ्तार प्रतीक कुमार वाधवानी तथा सैकी देवड़ा सट्टा संचालित करने वाले गिरोह के मास्टर माइंड हैं। प्रतीक सट्टा के एक मामले में दिल्ली पुलिस का वांटेड बताया जा रहा है। प्रतीक तथा सैंकी रायपुर तथा आसपास के जिले तथा पड़ोसी राज्य के बेरोजगारों को नौकरी देने का झांसा देकर काम के बहाने गोवा भेज कर उनके माध्यम से सट्टा संचालित करवाते थे। इसके साथ ही पुलिस से बचने सटोरिए हर पांच महीने में गोवा में मकान बदल देते थे।
पैसा क्रिप्टो, यूएसडीटी में ट्रांसफर कर भेजते थे
प्रतीक तथा सैंकी के कई बार दुबई जाने के पुलिस को प्रमाण मिले हैं। सटोरिए सट्टा की रकम को दुबई ट्रांसफर करने क्रिप्टो करेंसी तथा यूएसडीटी डॉलर में कन्वर्ट कर भेजते थे। पुलिस को 46 हजार 500 क्रिप्टो करेंसी के साथ यूएसडीटी, जिसका भारतीय मुद्रा में 42 लाख रुपए कीमत है, दुबई ट्रांजेक्शन करने के प्रमाण मिले हैं। सटोरिए एक दूसरे के साथ संपर्क करने विदेशी नंबरों का इस्तेमाल करते थे।
गिरफ्तार सटोरियों के नाम
रायपुर - प्रतीक कुमार वाधवानी
रायपुर - सेंकी देवड़ा
कोरबा - धनंजय वैष्णव
बिलासपुर - साकेत जगवानी
कोरबा - प्रमोद कुमार ओरके
जांजगीर चांपा - प्रकाश चंद्र मिरी
बिहार, मधुबनी - शंकर कुमार राम








