अकोला प्राथमिक शाला में होली उत्साहपूर्वक मनाई गई जहाँ बच्चों को पौराणिक होलिका-दहन की कथा सुनाई गई और सभी ने मिलकर रंग-गुलाल के साथ पर्व मनाया।

बेमेतरा। साजा विकासखंड अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला अकोला में रंगों का पर्व होली इस वर्ष बच्चों के साथ पारंपरिक और सांस्कृतिक उल्लास के साथ मनाया गया। शाला की प्रधान पाठिका हिम कल्याणी सिन्हा ने बच्चों को होली से जुड़ी पौराणिक कथा सुनाकर त्योहार के महत्व से अवगत कराया।

होलिका दहन की पौराणिक कथा सुनकर बच्चे हुए उत्साहित
प्रधान पाठिका हिम कल्याणी सिन्हा ने बच्चों को समझाया कि होली बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। उन्होंने हिरण्यकश्यप, भक्त प्रहलाद और होलिका की कहानी सुनाते हुए बताया कि कैसे भगवान विष्णु की भक्ति से प्रहलाद बच गए और होलिका का अंत हो गया। बच्चों ने कहानी को बड़े ध्यान से सुना और त्योहार का मूल संदेश समझा।

बच्चों ने स्वयं तैयार की होलिका, किया दहन
शाला परिसर में बच्चों ने मिलकर लकड़ी और घास-फूस इकट्ठा कर होली तैयार की। परंपरा अनुसार होली में हरी इलायची और लौंग डालकर दहन किया गया। मान्यता के अनुसार इससे रोगों से मुक्ति मिलती है। दहन के दौरान बच्चे सांस्कृतिक रीति-रिवाजों को सीखते नजर आए।

रंग-गुलाल का उत्सव और प्रसाद वितरण
राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित प्रधान पाठिका हिम कल्याणी सिन्हा ने बच्चों को रंग और गुलाल वितरित किया। इसके बाद सभी ने मिलकर उत्साहपूर्वक होली खेली और एक-दूसरे को शुभकामनाएँ दीं। शाला में प्रसाद वितरण भी किया गया, जिससे माहौल और अधिक आनंदमय हो गया।

स्थानीय जनप्रतिनिधि और शिक्षाविद भी रहे उपस्थित
कार्यक्रम में शाला प्रबंधन समिति के उपाध्यक्ष जगाधर साहू, शिक्षाविद डाकवर ठाकुर, पंचराम निषाद, रामकुवर ध्रुव, मीना यादव सहित अन्य ग्रामीणजन उपस्थित रहे। सभी ने बच्चों के साथ रंग-गुलाल का पर्व मनाया और त्योहार की मंगलकामनाएँ दीं।