बहुचर्चित शराब घोटाले मामले में जेल से छूटते ही कारोबारी अरविंद सिंह को ACB ने फिर गिरफ्तार कर लिया है। वह दो दिन पहले ही मंगलवार को हाईकोर्ट से जमानत पर रिहा हुआ था।

रायपुर। छत्तीसगढ़ में बहुचर्चित शराब घोटाले मामले में एक बार फिर ACB ने बड़ा एक्शन लिया है। कारोबारी अनवर ढ़ेबर और दो दिन पहले जेल से छूटे कारोबारी अरविंद सिंह को ACB ने फिर गिरफ्तार कर लिया है। ACB  ने उन्हें एडीजे निधि शर्मा तिवारी की कोर्ट पेश में किया और 10 अप्रैल तक उनकी रिमांड मांगी थी। लेकिन कोर्ट ने उन्हें 8 अप्रैल तक रिमांड में भेज दिया है। कारोबारी अरविंद सिंह दो दिन पहले ही मंगलवार को हाईकोर्ट से जमानत पर रिहा हुआ था। करीब 10 महीने पहले ED ने उसे  दुर्ग से गिरफ्तार किया था। इसके बाद से ही वह जेल में बंद था। 

उल्लेखनीय है कि, 2161 करोड़ के शराब घोटाले मामले में प्रवर्तन निदेशालय के प्रतिवेदन पर ACB ने 70 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज किया है। जिसमें कारोबारी अरविंद सिंह और अनवर ढ़ेबर का नाम शामिल है. इस मामले में गिरफ्तार करने के बाद ACB अब इनसे पूछताछ करेगी। इसके लिए इन्हें कोर्ट में पेश किया गया है। जहां ACB इनकी रिमांड लेने का प्रयास करेगी।

ईडी बोली- यह था अरविंद सिंह का रोल 

बताया जाता है कि, अंग्रेजी शराब खरीदने के लिए नए FL10A लाइसेंस बनाया गया था। यह लाइसेंस अरविंद सिंह के भतीजे अभिषेक सिंह के नाम पर था।अरविंद सिंह की पत्नी पिंकी सिंह अदिप अम्पायर की प्रोपराइटर है। अदिप अम्पायर का काम शराब की बोतलें सप्लाई करने का था। आरोप है कि, ये सभी शराब घोटाले में सहयोगी रहे थे। ED की ओर से ACB में जो FIR दर्ज कराई गई है, उसमें अरविंद सिंह की पत्नी पिंकी सिंह का भी नाम शामिल है. कारोबारी अरविंद सिंह को आबकारी विभाग के विशेष सचिव रहे अरुण पति त्रिपाठी का अघोषित असिस्टेंट बताया जाता है। शराब घोटाले मामले में अरविंद के परिवार के सदस्यों का भी इन्वॉल्वमेंट था। अरविंद पैसा कलेक्शन का काम करता था और फिर उन पैसों को इधर से उधर ठिकाने तक पहुंचाता था।

श्मशान घाट से किया गया था अरविंद को गिरफ्तार

ईडी की टीम ने शराब घोटाले केस में फरार शराब कारोबारी अरविंद सिंह को दुर्ग के रामनगर मुक्तिधाम से को गिरफ्तार किया था। अरविंद की माता कमला देवी का निधन हो गया था। वहां वह उनके अंतिम संस्कार के लिए पहुंचा था। शराब घोटाले मामले में कारोबारी अनवर ढेबर, त्रिलोक ढिल्लन, एपी त्रिपाठी और नितेश पुरोहित जमानत पर हैं।