Ashok Choudhary on Nitish Kumar Resignation: नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने और एमएलसी पद से इस्तीफा देने की खबर ने उनके करीबियों को भावुक कर दिया है। ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी ने रूंधे गले से कहा कि नीतीश कुमार जैसा नेता देश में दूसरा कोई नहीं हो सकता। उन्होंने बताया कि पिछले 12 सालों से वे सदन में उनके साथ रहे और नीतीश जी ने हमेशा एक अभिभावक और गुरु की तरह उन्हें संरक्षण दिया।
विरोधियों का सम्मान और संकट में साथ
अशोक चौधरी ने नीतीश कुमार के कार्य करने की शैली को याद करते हुए कहा कि वे सामान्य इंसान नहीं हैं। सदन में जब भी कोई मंत्री जवाब देते वक्त फंस जाता था, तो नीतीश जी एक पिता की तरह उन्हें 'बेल आउट' कराते थे। चौधरी ने याद किया कि जब वे कांग्रेस में थे, तब भी नीतीश कुमार उन्हें उतना ही सम्मान और स्नेह देते थे, जितना आज अपनी पार्टी में देते हैं।
बिहार की छवि के लिए हमेशा रहे सजग
पुराने दिनों का एक किस्सा सुनाते हुए अशोक चौधरी ने बताया कि जब वे शिक्षा मंत्री थे, तब मैट्रिक परीक्षा में दीवार फांदकर चोरी करने की एक फोटो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वायरल हुई थी। उस वक्त नीतीश कुमार ने उन्हें बुलाकर सख्त निर्देश दिए थे कि बिहार की छवि खराब नहीं होनी चाहिए और किसी भी कीमत पर चोरी बंद होनी चाहिए। आज मैट्रिक परीक्षा में बेटियों की सफलता उसी विजन का नतीजा है।
समाज सुधारक के रूप में याद किए जाएंगे नीतीश
अशोक चौधरी ने नीतीश कुमार की तुलना मदन मोहन मालवीय और विद्याचंद सागर जैसे महान समाज सुधारकों से की। उन्होंने कहा कि भले ही लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत उनका इस्तीफा जरूरी था, लेकिन सदन में उनकी कमी हमेशा खलेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्यसभा जाने के बाद भी नीतीश कुमार का मार्गदर्शन जेडीयू और बिहार को एक अभिभावक के रूप में मिलता रहेगा।