Rinku Singh Father Demise: भारत भले ही जिम्बाब्वे के खिलाफ टी20 विश्व कप 2026 में करो या मरो का मुकाबला जीत गया, लेकिन रिंकू सिंह के पिता जिंदगी की जंग हार गए। जिस घर में कुछ महीनों बाद शहनाई बजनी थी और मंगल गीत गाए जाने थे। वहां अब मातम और खामोशी पसरी है। विश्व कप खेल रहे रिंकू सिंह को भी जब ये मनहूस खबर मिली तो वो चेन्नई से फौरन भागे-भागे अपने घर पहुंचे और तभी दुनिया को भी ये पता चला कि उनके पिता जो कैंसर से जंग लड़ रहे थे, अब खामोश हो गए।
रिंकू सिंह के पिता खानचंद्र सिंह को चौथे स्टेज का लिवर कैंसर था। वो ग्रेटर नोएडा के अस्पताल में वेंटिलेटर सपोर्ट पर थे। रिंकू जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच से पहले पिता का हाल-चाल जानने अस्पताल पहुंचे थे और मैच के लिए वापस टीम से जुड़ गए थे। उन्हें जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच में प्लेइंग-11 में तो जगह नहीं मिली लेकिन बतौर सब्सिट्यूट फील्डर मैदान में जरूर उतरे लेकिन मैच खत्म होने के बाद उन्हें ये दुखद खबर मिली।
#WATCH | Aligarh | On the demise of cricketer Rinku Singh's father, coach Masood Uz Zafar Amini says," I got information that Rinku Singh's father passed away today morning. He was admitted to a Noida hospital. Rinku Singh's father had been opposed to his son playing cricket, but… pic.twitter.com/LKEh4NsXnD
— ANI (@ANI) February 27, 2026
रिंकू का टीम इंडिया तक पहुंचने का सफर किसी सपने के पूरे होने से कम नहीं। रिंकू ने बचपन में कड़ा संघर्ष किया है। उनके पिता अलीगढ़ में घर-घर गैस सिलेंडर पहुंचाने का काम करते थे। इतनी कमाई नहीं थी कि बेटे को क्रिकेटर बना सके। इसी वजह से रिंकू को भी घर का खर्चा चलाने के लिए पिता का हाथ बंटाना पड़ता था। लेकिन, रिंकू के मन में क्रिकेटर बनने का सपना पल रहा था। मां और पिता ने अपनी हैसियत से पार जाकर बेटे के सपने को पूरा करने की कोशिश की। रिंकू का भी संघर्ष रंग लाया और उन्होंने गली क्रिकेट से टीम इंडिया तक का सफऱ तय किया।
#WATCH | Uttar Pradesh: After battling fourth-stage cancer, Cricketer Rinku Singh’s father, Khanchand Singh passed away at Yatharth Hospital in Greater Noida earlier this morning.
— ANI (@ANI) February 27, 2026
Visuals from outside the hospital. pic.twitter.com/NvfT1xyhnX
रिंकू ने भी माता-पिता का हर सपना पूरा किया, जिस अलीगढ़ में पिता सिलेंडर ढोने का काम करते थे, वहीं आलीशान बंगला बनवाया और तमाम सुख-सुविधाएं जुटाईं।लेकिन, पिता की एक इच्छा वो पूरी नहीं कर पाए। पिता खानचंद्र का सपना था कि वो रिंकू को घोड़ी चढ़ते देखें। बेटे को सेहरा बंधे और बहू घर आए। लेकिन, ये इच्छा पूरी होने से पहले ही पिता दुनिया से कूच कर गए।
बता दें कि रिंकू सिंह की सगाई समाजवादी पार्टी की सांसद प्रिया सरोज से जून 2025 में लखनऊ के एक होटल में हुई थी। पहले शादी नवंबर 2025 में ही होनी थी लेकिन बिजी क्रिकेट शेड्यूल के कारण रिंकू ने इसे आगे के लिए टाल दिया था। ऐसी खबर थी कि शादी जून 2025 में होगी। लेकिन अब पिता उस शादी का हिस्सा बनने के लिए मौजूद नहीं रहेंगे। अगर नवंबर में शादी हो जाती तो शायद पिता बेटे रिंकू को सेहरा बांधे देख लेते। लेकिन, उनके जाने के साथ ही ये इच्छा भी अधूरी रह गई।
रिंकू सिंह के पिता का पार्थिव शरीर ग्रेटर नोएडा से अलीगढ़ आ गया है। पिता के निधन की खबर मिलते ही रिंकू भी चेन्नई से अलीगढ़ लौट आए हैं। फिलहाल, ये साफ नहीं है कि वो 1 मार्च को वेस्टइंडीज के खिलाफ मैच के लिए भारतीय टीम से जुड़ेंगे या नहीं।









