Mitchell Santner statement: टी20 वर्ल्ड कप 2026 फाइनल से पहले न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर ने साफ कर दिया है कि उनकी टीम भारत के खिलाफ होने वाले मुकाबले में फेवरेट नहीं मानी जा रही, लेकिन इससे उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता। उनका कहना है कि अगर ट्रॉफी जीतने के लिए 'बुरे लोग' बनना पड़े और एक अरब दिल टूट जाएं, तो उन्हें इससे भी परहेज नहीं होगा।
भारत और न्यूजीलैंड के बीच यह खिताबी मुकाबला अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेला जाएगा, जहां एक लाख से ज्यादा दर्शकों की मौजूदगी रहने की उम्मीद है। ऐसे माहौल में न्यूजीलैंड को साफ तौर पर अंडरडॉग माना जा रहा है, लेकिन सैंटनर का मानना है कि उनकी टीम बड़े मौकों पर घबराने के बजाय अपने खेल पर ध्यान देती है।
फाइनल से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस में सैंटनर से पूछा गया कि पिछले 11 साल में न्यूजीलैंड पांचवीं बार किसी आईसीसी व्हाइट-बॉल टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची है, लेकिन अब तक ट्रॉफी नहीं जीत पाई। क्या इस बार वे 'बैड गाइज' बनकर अहमदाबाद की भीड़ को शांत करना चाहेंगे?
ट्रॉफी जीतने के लिए दिल तोड़ने को भी तैयार: सैंटनर
इस सवाल पर सैंटनर ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि उन्हें ट्रॉफी जीतने में बिल्कुल भी एतराज नहीं होगा, भले ही इसके लिए कुछ दिल तोड़ने पड़ें। उन्होंने कहा कि उनकी टीम पिछले एक दशक से लगातार अच्छा प्रदर्शन करती आई है और यही उनकी सबसे बड़ी ताकत है।
'हम ट्रॉफी जीतने के फेवरेट नहीं'
सैंटनर ने कहा, 'हम कोशिश करते हैं कि हालात या विपक्षी टीम से प्रभावित न हों। हम मैदान पर जाकर अपना खेल खेलने की कोशिश करते हैं। इस बार भी टीम का रवैया वही है। सभी जानते हैं कि हम शायद फेवरेट नहीं हैं, लेकिन हमें इससे कोई दिक्कत नहीं है।'
उन्होंने आगे कहा कि टी20 क्रिकेट में बहुत सारे ऐसे छोटे-छोटे पल होते हैं जो मैच का रुख बदल देते हैं। अगर न्यूजीलैंड उन पलों को सही तरीके से संभाल लेता है और टीम के रूप में अच्छा प्रदर्शन करता है, तो ट्रॉफी जीतने का मौका जरूर बन सकता।
न्यूजीलैंड को चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में भारत ने हराया था
न्यूजीलैंड के हालिया आईसीसी फाइनल रिकॉर्ड पर नजर डालें तो टीम कई बार खिताब के करीब पहुंचकर भी चूक गई। कीवी टीम 2019 के वनडे वर्ल्ड कप, 2021 के टी20 वर्ल्ड कप और 2025 के चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल में पहुंची थी, लेकिन तीनों बार उसे हार का सामना करना पड़ा।
इसी वजह से इस बार टीम पर दबाव भी है और एक अलग तरह की प्रेरणा भी। सैंटनर का मानना है कि अगर उनकी टीम अपने छोटे-छोटे काम सही तरीके से करती है, तो मैच किसी भी दिशा में जा सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि अहमदाबाद में मौजूद विशाल भारतीय भीड़ को शांत करना ही उनकी टीम का लक्ष्य होगा। सैंटनर के मुताबिक, 'हमारा लक्ष्य है कि स्टेडियम की आवाज को शांत किया जाए। टी20 क्रिकेट बहुत अनिश्चित होता है और कई बार कुछ ही पलों में पूरा मैच बदल जाता है।' अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या न्यूजीलैंड सच में 'बैडमैन' बनकर इतिहास बदल पाती है या फिर घरेलू मैदान पर भारत का दबदबा कायम रहता।