(रुचि राजपूत)
पौराणिक मान्यताओं के अनुसार
रामायण महापुराण में हनुमान जी के बारे में विस्तृत उल्लेख प्राप्त होता है। रामायण के अनुसार हनुमान वानर के मुंह वाले अत्यंत बलशाली पुरुष हैं। जिनका शरीर वज्र के समान है। वे कंधे पर जनेऊ धारण करते हैं, उनके सिर पर स्वर्ण मुकुट और हाथों में गदा सुशोभित है। वाल्मीकि रामायण में उल्लेख मिलता है कि इस पृथ्वी पर जिन सात लोगों को अमृतत्व प्राप्त है, उनमें कलयुग के देवता हनुमान का नाम भी शामिल है।
महाबली हनुमान को बजरंगबली कहे जाने के पीछे जो उल्लेख मिलता है वो इस प्रकार है कि एक बार हनुमान ने माता सीता को सिन्दूर लगाते देखा तो उनसे पूछा कि आप सिन्दूर क्यों लगातीं हैं? तो इसका जवाब देते हुए माता सीता ने बताया कि वे अपने पति श्री राम की लम्बी उम्र और अच्छे स्वास्थ्य के लिए ये सिन्दूर लगातीं हैं। उन्होंने हनुमान को बताया कि धर्म के अनुसार जो सुहागिन महिला अपनी मांग में सिन्दूर लगाती हैं, उसके पति की उम्र लम्बी होती और स्वास्थ्य अच्छा रहता है।
माता सीता की बात सुनकर बजरंगबली को ख़्याल आया कि जब इतना सा सिन्दूर लगाने से भगवान राम को इतना लाभ मिलता है। तो पुरे शरीर में सिन्दूर लगाने से भगवान राम अमर हो जाएंगे। इसलिए वे "जय श्री राम" बोलते हुए अपने पूरे शरीर में सिन्दूर लगा लेते हैं। जब श्री राम इस अवस्था में हनुमान को देखते हैं, तो वे उनसे इसका कारण पूछते हैं, तब हनुमान माता सीता की सारी बात भगवान राम को बता देते हैं। यह बात जानकर श्री राम हनुमान जी की भक्ति से बहुत प्रसन्न होते हैं और उन्हें आशीर्वाद देते हैं कि आपको आज से बजरंगबली के नाम से जाना जाएगा, बजरंगबली में बजरंग का अर्थ केसरी रंग से है और बली का अर्थ शक्ति से है, इस प्रकार उन्हें बजरंगबली के नाम से जाना जाता है।






