भारत सरकार ने युद्ध प्रभावित देशों में फंसे अपने नागरिकों के लिए हेल्पलाइन नंबरों के साथ दिल्ली में एक विशेष कंट्रोल रूम शुरू किया है।

नई दिल्ली : पश्चिम एशिया में अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच छिड़े भीषण संग्राम ने वैश्विक स्तर पर उथल-पुथल मचा दी है, जिसका सीधा असर अब भारत और भारतीय नागरिकों पर दिखने लगा है।

युद्ध के कारण बिगड़ते हालातों को देखते हुए भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने युद्ध स्तर पर तैयारी करते हुए एक स्पेशल कंट्रोल रूम स्थापित किया है और कई हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं।

मध्य पूर्व के देशों से भारतीयों का स्वदेश लौटना जारी है, जबकि हवाई और समुद्री मार्ग बंद होने से हजारों लोग संकट में फंसे हुए हैं।

​विदेश मंत्रालय की बड़ी पहल: 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम

​ईरान-इजरायल जंग के बीच भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विदेश मंत्रालय ने दिल्ली में एक स्पेशल कंट्रोल रूम बनाया है। MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के अनुसार, इस कंट्रोल रूम के जरिए खाड़ी देशों में फंसे भारतीयों और उनके परिजनों को सहायता प्रदान की जा रही है।

मंत्रालय ने बहरीन, ईरान, इराक, इजरायल, जॉर्डन, कुवैत, लेबनान और ओमान जैसे देशों के लिए विशिष्ट आपातकालीन संपर्क नंबर और ईमेल आईडी जारी किए हैं ताकि किसी भी संकट की स्थिति में तुरंत मदद पहुँचाई जा सके।

​हवाई यात्रा पर ब्रेक: 4 दिनों में 1117 इंटरनेशनल फ्लाइट्स रद्द

​युद्ध के चलते पश्चिम एशिया के 8 देशों ने अपना एयरस्पेस (हवाई क्षेत्र) पूरी तरह बंद कर दिया है, जिससे वैश्विक विमानन सेवा चरमरा गई है। 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक भारतीय एयरलाइंस ने अपनी 1,117 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द की हैं।

तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली एयरपोर्ट पर ही बुधवार को 31 उड़ानें प्रभावित रहीं, जबकि कोचीन और अन्य अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर भी उड़ानों के शेड्यूल में भारी बदलाव किए गए हैं।

​भारतीयों की घर वापसी: जेद्दा और दुबई से लौटे यात्री

​मिडिल ईस्ट में बढ़ते खतरों के बीच भारतीयों का अपने देश वापस आना जारी है। मंगलवार देर रात जेद्दा और दुबई से कई भारतीय नागरिक दिल्ली, अहमदाबाद और हैदराबाद के अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर उतरे।

स्वदेश लौटे यात्रियों ने वहां के भयावह मंजर को बयां करते हुए कहा कि वे धमाकों की आवाजें सुन सकते थे और सुरक्षित वापस आकर उन्हें बहुत राहत महसूस हो रही है।

​समुद्र में फंसी 'लाइफलाइन': 37 जहाज और 1109 नाविक फंसे

​ईरान द्वारा दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण 'होर्मुज रूट' को बंद किए जाने से समुद्री व्यापार ठप हो गया है। इस रूट के बंद होने के कारण भारतीय झंडे वाले 37 व्यावसायिक जहाज और उनमें सवार 1,109 भारतीय नाविक वर्तमान में फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच फंसे हुए हैं। इन नाविकों की सुरक्षित वापसी भारत के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई है क्योंकि यह मार्ग पूरी तरह से युद्ध क्षेत्र में तब्दील हो चुका है।

​तेल अवीव एयरपोर्ट पर परिचालन की उम्मीद

​तमाम पाबंदियों के बीच इजरायल से एक राहत भरी खबर भी आई है। तेल अवीव के बेन गुरियन एयरपोर्ट के प्रवक्ता ने जानकारी दी है कि 5 अप्रैल से एयरस्पेस को फिर से खोलने की योजना है और तेल अवीव एयरपोर्ट सुबह से संचालित हो सकता है।

हालांकि, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रपति ट्रंप का रुख कड़ा है और वे अमेरिकी सैनिकों तथा हितों की रक्षा के लिए ईरान पर हमले जारी रखेंगे।